केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने असम के लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य के राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) में नाम नहीं होने पर किसी व्यक्ति को सीधे ‘विदेशी’ घोषित नहीं किया जायेगा और वह ‘विदेशी न्यायाधिकरण’ में अपील कर सकेगा।
गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा है कि राज्य के लोग अफवाहों से बचें क्योंकि 31 अगस्त को अंतिम रूप दिये जाने पर एनआरसी में यदि किसी व्यक्ति का नाम नहीं है तो उसे सीधे ‘विदेशी’ करार नहीं दिया जायेगा। ऐसे लोगों के पास ‘विदेशी न्यायाधिकरण’ में अपील दायर करने का विकल्प होगा।
उन्होंने टि््वट कर कहा कि सरकार ने न्यायाधिकरण में अपील दायर करने की अवधि 60 से बढाकर 120 दिन कर दी है। इसके लिए राज्य के प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त संख्या में न्यायाधिकरण बनाये गये हैं। सरकार जरूरतमंदों को जिला विधि सेवा प्राधिकरण से निशुल्क कानूनी मदद भी उपलब्ध करायेगी जिससे वे अपील दायर कर सकेंगे।
एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह और राज्य के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के बीच गत 20 अगस्त को यहां हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को तुरंत ‘हिरासत केन्द्रों’ में नहीं भेजा जायेगा। विदेशी न्यायाधिकरण, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय जैसे सभी कानूनी विकल्प समाप्त होने के बाद ही किसी को इन केन्द्रों में भेजे जाने के बारे में कोई निर्णय लिया जायेगा।


Download Android App
Download iOS App



