नई दिल्ली: आयकर विभाग ने 1 जुलाई से आधार कार्ड को पैन से लिंक करना जरूरी कर दिया है। खासतौर पर टैक्सपेयर्स के लिए ऐसा करना जरूरी है। आयकर विभाग नियमों के मुताबिक कुछ लोगों को इसमें छूट दी गई है। विभाग ने आधार कार्ड को पैन से लिंक कराने में छूट दी है उनमें एनआरआई, भारत आए मेहमान, 80 साल से ज्यादा आयु के लोग शामिल हैं। इसके अलावा असम, मेघालय और जम्मू-कश्मीर राज्य के निवासियों को भी आधार-पैन लिंक कराने की किसी तरह से कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि यह छूट तब ही मिलेगी, जब इनका आधार कार्ड न बना हो।
आयकर विभाग ऐक्ट की धारा 139AA के तहत जिस भी व्यक्ति के पास पैन नंबर है और वह आधार कार्ड प्राप्त करने की योग्यता रखता है, उसके लिए दोनों को लिंक करना जरूरी है। ऐसा न करने वाले लोगों का पैन कार्ड टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से तय की गई तारीख के बाद अवैध हो सकता है।
जीएसटी लागू होने के बाद करदाताओं के लिए आयकर विभाग ने लिए मैन्युअल रूप से आधार कार्ड को स्थायी खाता संख्या (पैन) से जोड़ने के लिए एक फार्म जारी किया है। इससे पहले ऑनलाइन और एसएमएस के जरिए भी आधार कार्ड संख्या को पैन से जोड़ा जा सकता है।
आवेदक को पैन संख्या और आधार संख्या, दोनों में उल्लेख किए गए नामों की स्पेलिंग लिखनी होगी और इस बात की लिखित उद्घोषणा करनी होगी कि आवेदन-प्रपत्र में उसने जो आधार नंबर दिया है, उसे किसी अन्य पैन कार्ड के साथ नहीं जोड़ा है।


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