किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिये मध्यप्रदेश में भावान्तर भुगतान योजना लागू की जाएगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में भावान्तर भुगतान योजना को लागू करने का निर्णय लिया गया। यह योजना पायलट आधार पर खरीफ-2017 के लिये लागू की गई है। इस निर्णय के अंतर्गत प्रदेश में किसान द्वारा अधिसूचित कृषि उपज मण्डी समिति प्रांगण में फसल विक्रय करने पर राज्य शासन द्वारा निहित प्रक्रिया अनुरूप घोषित मॉडल विक्रय कर एवं भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि का किसानों को भुगतान किया जायेगा।
भावान्तर भुगतान योजना में खरीफ-2017 की सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द और तुअर की फसलें ली गई हैं। योजना में किसानों को एक से 30 सितंबर, 2017 तक पोर्टल पर अपना पंजीयन कराना होगा। मंत्रिपरिषद ने झाबुआ जिले के राजस्व निरीक्षक मण्डल रामा को तहसील बनाने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार बालाघाट जिले के उपखण्ड बैहर तथा सिवनी जिले के लखनादौन में अपर कलेक्टर न्यायालय/कार्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद ने रामा तहसील के लिये 13 पद तथा बैहर और लखनादौन अपर कलेक्टर कार्यालय के लिये 10-10 पदों के सृजन को भी मंजूरी दी।
पुलिस दूर संचार शाखा के 372 पदों के पुनर्वितरण तथा पद-विन्यास का युक्तियुक्तकरण करते हुए तकनीकी ट्रेड के पद निर्मित करने का निर्णय भी मंत्रिपरिषद ने लिया है। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने इस वर्ष के टैरिफ आदेश में केप्टिव पावर उपयोगकर्ताओं को विद्युत कंपनी से बिजली खरीदने पर विद्युत की दर में छूट प्रदान की है। मंत्रिपरिषद ने इस खपत पर राज्य शासन को देय विद्युत शुल्क से इन उपयोगकर्ताओं को छूट प्रदान की है। प्रदेश में विद्युत उपलब्धता के ²ष्टिगत नए स्थापित होने वाले कैप्टिव पावर संयंत्रों के लिए विद्युत शुल्क से छूट का प्रावधान समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
मंत्रिपरिषद ने दीनदयाल 108 एम्बुलेंस सेवा के नाम से प्रचलित आपातकालीन चिकित्सा सेवा के अंतर्गत रोगी परिवहन तथा प्रसूता महिलाओं एवं बीमार बच्चों के परिवहन के लिये उपलब्ध सेवाओं 108 एम्बुलेंस सेवा, जननी एक्सप्रेस सेवा और दीनदयाल चलित अस्पताल योजना को समन्वित कर निरंतर जारी रखने के लिए वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 तथा वर्ष 2019-20 में आकलित राशी 235.35 करोड़ रुपए यथावत जारी रखने का निर्णय लिया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को वर्ष 2017-18,2018-19 और वर्ष 2019-20 के लिये जारी रखने के साथ 8422.86 करोड़ रुपए की सैद्वांतिक सहमति भी मंत्रिपरिषद ने दी। मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश मुद्रांक शुल्क प्रभार निधि स्थापित करने का निर्णय लिया। इस निधि में मुद्रांक शुल्क के साथ नगर पालिका/नगर निगम अतिरिक्त शुल्क बतौर ली जाने वाली दो प्रतिशत राशि में से एक प्रतिशत राशि अंतरित की जायेगी।
इस निधि का उपयोग नगर निगम, नगर पालिका तथा नगर परिषद द्वारा नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन तथा ऐसी परियोजनाओं के लिए निकायों द्वारा लिये गये ऋण के पुनर्भुगतान के लिए किया जायेगा। खाद्य प्र-संस्करण इकाइयों को उद्योग संवर्धन नीति 2014 के अनुरूप मण्डी शुल्क से छूट प्रदान करने का निर्णय भी मंत्रिपरिषद ने लिया। मंत्रिपरिषद ने उज्जैन प्रेस क्लब को 25 लाख रुपए का अनुदान दिये जाने का भी निर्णय लिया।


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