प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जी20 समूह के देश ‘नई दिल्ली लीडर्स समिट डिक्लेरेशन’ एक बयान पर सहमत हुए हैं। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो जी20 बैठकों का नेतृत्व कर रहा है, भले ही देश यूक्रेन में संघर्ष को लेकर असहमत रहे हों। यह समझौता भारत द्वारा यूक्रेन की स्थिति के बारे में सभी G20 देशों को एक नया संदेश भेजने के बाद हुआ।
डिक्लेरेशन पर आम सहमति बन गई
मोदी ने शिखर सम्मेलन में नेताओं से कहा, ‘‘मित्रों, हमें अभी-अभी अच्छी खबर मिली है कि हमारी टीम की कड़ी मेहनत और आपके सहयोग के कारण, नयी दिल्ली जी20 लीडर्स समिट डिक्लेरेशन पर आम सहमति बन गई है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं घोषणा करता हूं कि इस घोषणापत्र को स्वीकार कर लिया गया है। जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा सहित अन्य नेता भाग ले रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शिखर सम्मेलन में शिरकत नहीं कर रहे हैं।
अधिकारियों को धन्यवाद देना चाहता हूं
प्रधानमंत्री मोदी जी20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं। मोदी ने कहा, ‘‘इस अवसर पर मैं अपने मंत्रियों, शेरपा और सभी अधिकारियों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से इसे संभव बनाया। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, यूक्रेन संघर्ष से संबंधित पैराग्राफ पर आम सहमति नहीं होने के कारण, भारत ने शुक्रवार को सकारात्मक परिणाम निकालने के प्रयास में भू-राजनीतिक मुद्दे पर पैराग्राफ के बिना सदस्य देशों के बीच शिखर सम्मेलन का एक मसौदा घोषणापत्र बांटा था।


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