मुंबई, 10 सितंबर (आईएएनएस)। नवरात्रि से पहले गरबा और डांडिया आयोजनों में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की गाइडलाइंस और मुस्लिमों की एंट्री को लेकर शुरू हुए विवाद पर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश में बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान ने सभी धर्मों के लोगों को अपने-अपने त्योहार मनाने का अधिकार दिया है।
रामदास आठवले ने कहा, “मुझे लगता है कि हमारे देश में बाबासाहेब अंबेडकर का दिया संविधान सभी धर्मों के लोगों को अपना त्योहार मनाने का हक देता है। एक धर्म के लोगों को दूसरे धर्म का सम्मान करना चाहिए और एक-दूसरे के कार्यक्रमों में भी शामिल होना चाहिए। जैसे अजमेर दरगाह जो मुस्लिमों का तीर्थ स्थल है, वहां कई हिंदू भी जाते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि ऐसे विवादित मुद्दे नहीं उठाने चाहिए। भाईचारा मजबूत करने की जरूरत है।”
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने गरबा आयोजनों में आडी चेक और मुस्लिमों की एंट्री पर टिप्पणी की थी। इस पर रामदास आठवले ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से आईडी चेक हो सकता है लेकिन धर्म के आधार पर रोक लगाना गलत है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा, “आईडी चेक की बात है तो अगर कोई अपराधी है या सुरक्षा का मामला है तो पुलिस या संबंधित अधिकारी पहचान की जांच कर सकते हैं। हालांकि सिर्फ धर्म के आधार पर किसी को रोकना गलत है बल्कि अच्छी बात है अगर मुस्लिम गरबा में शामिल होते हैं, हिंदू ईद मनाते हैं या दोनों बुद्ध जयंती पर साथ आते हैं।”
बता दें कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने कहा था कि गरबा एक सर्वसमावेशी उत्सव है और अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति शांतिपूर्वक इसमें शामिल होकर आनंद लेता है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा के लिए आईडी कार्ड की जांच करना अच्छी बात है लेकिन धर्म के आधार पर लोगों की जांच करना या भेदभाव करना सही नहीं है।
पंजाब में गुलजार सिंह की आत्महत्या से मौत के मामले में उठे विवाद पर भी रामदास आठवले ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जो कहते हैं, बोलने का हक सबको है लेकिन नशा एक गंभीर मुद्दा है, खासकर पंजाब में। यह उनके मंत्रालय के तहत आता है और उन्होंने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ शुरू किया है।
रामदास आठवले ने कहा, “जब भी मैं पंजाब जाता हूं और अधिकारियों से बात करता हूं तो साफ है कि नशे की लत का स्तर बहुत ज्यादा है। एनडीए और भारत सरकार पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी प्रयास जारी रखेगी।”
दरअसल, राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पोस्ट कर कहा था कि पंजाब की ‘आप’ सरकार में एक खतरनाक तबाही दिख रही है कि नाकामी पर सवाल करोगे, तो जवाब धमकी और टॉर्चर से मिलेगा।
बता दें कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के संगरूर जिले में रहने वाले 50 साल के गुलजार सिंह ने जहर खा लिया था। बताया जा रहा है कि वह सरकार द्वारा ड्रग्स की समस्या रोकने के लिए पर्याप्त कदम न उठाने से परेशान थे। जहर खाने के बाद उन्हें काफी दर्द हुआ लेकिन मरने से पहले उन्होंने लोगों से बात की।
मरने से पहले गुलजार सिंह ने कहा था, “हरपाल सिंह चीमा भी मेरी मौत के लिए जिम्मेदार हैं।” वह पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की ओर इशारा कर रहे थे, जिनसे उन्होंने गांव के दौरे के दौरान राज्य की ड्रग्स समस्या को लेकर सवाल किया था। गुलजार सिंह ने आरोप लगाया था कि ‘आप’ सरकार के मंत्री से सवाल करने के बाद पुलिस उन्हें अलग ले गई और माफी मांगने के लिए काफी दबाव डाला।
अपने आखिरी बयान में उन्होंने कहा था, “सरपंच भी मेरी मौत के लिए जिम्मेदार है। मैंने हरपाल सिंह चीमा से ड्रग्स के बारे में सवाल किया था। मेरा बेटा ड्रग्स लेता है। मेरा घर बिक गया। मेरे पास कुछ नहीं है और आखिरकार अब मैंने जहर खा लिया है। पंजाब में कहीं भी ड्रग्स की समस्या हल नहीं हुई है।”
–आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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