मुजफ्फरपुर, 28 मई (आईएएनएस)। ईद-उल-अजहा के मौके पर राजद के नेता और विधान परिषद सदस्य मोहम्मद कारी सोहैब ने एक बार फिर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि आज की कुर्बानी का मतलब है कि अपने जज्बात, अहंकार, गुस्से, घमंड की कुर्बानी देनी है। जब हम भाईचारा, मोहब्बत के साथ रहते हैं तो मुल्क भी अच्छा होगा और समाज भी अच्छा होगा।
मुजफ्फरपुर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने भाजपा पर गाय के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में बीफ निर्यात में लगातार वृद्धि हुई है और आज भारत दुनिया में बीफ निर्यात के मामले में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा खुद को गौभक्त बताती है, लेकिन उसके शासनकाल में सबसे अधिक बीफ निर्यात हो रहा है।
सोहैब ने आरोप लगाया कि सीमावर्ती क्षेत्रों से खुलेआम तस्करी की घटनाओं के वीडियो सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सच्चा सनातनी और भगवान राम का अनुयायी कभी नफरत, हिंसा या मॉब लिंचिंग का समर्थन नहीं कर सकता। भगवान राम ने हमेशा मर्यादा, प्रेम और त्याग का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग गाय के नाम पर राजनीति करते हैं, वही लोग बीफ कारोबारियों से चंदा लेकर समाज में नफरत फैलाने का काम करते हैं।
उन्होंने भाजपा नेताओं पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर गौ रक्षा की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर बीफ फैक्ट्रियों को संरक्षण दिया जाता है। राजद एमएलसी ने कहा कि देश में गाय के नाम पर हिंसा और नफरत की राजनीति को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता यह है कि गाय को तत्काल राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मोर को राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा प्राप्त है, उसी प्रकार गाय को भी राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।
उन्होंने राजस्थान में बड़ी संख्या में गायों की मौत का जिक्र करते हुए सवाल किया कि उस समय तथाकथित गौरक्षा दल कहां थे? साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन चलाएगा और देशभर के हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोगों से इस अभियान में शामिल होने की अपील करेगा।
मोहम्मद सोहैब ने केंद्र सरकार से मांग की कि देश की सभी बीफ कंपनियों को तत्काल बंद किया जाए और गाय के नाम पर होने वाली राजनीति तथा हिंसा पर रोक लगाई जाए।
–आईएएनएस
एमएनपी/पीएम
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