General Naravane First Reaction: पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब ‘Four Stars of Destiny’ को लेकर इन दिनों सियासी और कानूनी विवाद तेज हो गया है। इस पूरे मामले पर अब खुद जनरल नरवणे की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिर्फ 7 शब्दों में अपनी बात रखी है।
जनरल नरवणे ने लिखा, “पुस्तक की मौजूदा स्थिति यही है।” इसके साथ ही उन्होंने किताब के प्रकाशक पेंगुइन इंडिया की एक पोस्ट को भी रिपोस्ट किया है। इसे लेकर माना जा रहा है कि उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से यह स्वीकार किया है कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है।

General Naravane First Reaction: पेंगुइन इंडिया ने क्या कहा?
किताब के प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) ने स्पष्ट किया है कि यह किताब अभी तक न तो छपी है और न ही किसी भी प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक रूप से जारी की गई है। पब्लिशर के मुताबिक:
- किताब की कोई भी प्रिंट कॉपी बाजार में उपलब्ध नहीं है
- न डिजिटल फॉर्मेट में और न ही पीडीएफ के रूप में इसे जारी किया गया है
- न ही इसे बेचा गया है और न ही डिस्ट्रीब्यूट किया गया है
- पेंगुइन इंडिया ने यह भी बताया कि किताब के सभी प्रकाशन अधिकार उनके पास सुरक्षित हैं।

Four Stars of Destiny: गैर-कानूनी कॉपी पर चेतावनी
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने सख्त शब्दों में कहा है कि अगर किताब की कोई भी कॉपी, चाहे पूरी हो या अधूरी, किसी भी फॉर्मेट में कहीं भी मौजूद है, तो वह कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है। प्रकाशक ने साफ किया कि वह किताब के अनधिकृत प्रसार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा और कानून के तहत सभी उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा।
किताब घोषित होना और प्रकाशित होना अलग बातें
पेंगुइन इंडिया ने एक अहम बात पर जोर देते हुए कहा कि:
- किताब की घोषणा होना
- प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध होना
- और किताब का प्रकाशित होना
- तीनों अलग-अलग चीजें हैं। किसी किताब को तभी प्रकाशित माना जाता है, जब वह दुकानों में बिक्री के लिए उपलब्ध हो।
संसद में कैसे शुरू हुआ विवाद?
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब नेता विपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान इस किताब का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि किताब में 31 अगस्त 2020 को चीनी टैंकों के भारतीय क्षेत्र में देखे जाने का उल्लेख है। राहुल गांधी ने कहा कि उस समय जनरल नरवणे ने राजनीतिक नेतृत्व से निर्देश मांगे थे, लेकिन कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिला।
जब सत्ता पक्ष ने इस दावे का स्रोत पूछा, तो राहुल गांधी ने कहा कि यह जानकारी पूर्व आर्मी चीफ की किताब से ली गई है। इस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है।
दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR
मामला बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। पुलिस यह जांच कर रही है कि किताब की अप्रकाशित कॉपी आखिर कैसे कुछ लोगों तक पहुंची। फिलहाल यह मामला राजनीतिक, कानूनी और सुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े कर रहा है।
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