WLTP Cycle Kya Hai: भारत में प्रदूषण आज एक गंभीर समस्या बन चुका है। खासतौर पर वाहनों से निकलने वाला धुआं हवा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है। बढ़ती गाड़ियों की संख्या के कारण ईंधन की खपत और उत्सर्जन दोनों तेजी से बढ़े हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार लगातार नए नियम और तकनीक अपनाने पर काम कर रही है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने अब वाहनों की जांच और माइलेज मापने के लिए WLTP प्रणाली को अपनाने का फैसला किया है।
WLTP Cycle Kya Hai: क्या है WLTP सिस्टम
WLTP का पूरा नाम Worldwide Harmonized Light Vehicles Test Procedure है। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त टेस्टिंग प्रणाली है, जिसके जरिए वाहनों के माइलेज और प्रदूषण के आंकड़ों को ज्यादा वास्तविक परिस्थितियों के अनुसार मापा जाता है। अभी तक भारत में वाहनों की जांच MIDC पद्धति से की जाती थी, लेकिन इसमें वास्तविक ड्राइविंग हालात पूरी तरह शामिल नहीं हो पाते थे।

New Car Rule India: सरकार ने जारी की अधिसूचना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को सही तरीके से मापा जा सके और उपभोक्ताओं को माइलेज की सटीक जानकारी मिले।
WLTP Cycle India: किन वाहनों पर लागू होगा WLTP?
नई व्यवस्था के तहत M1 और M2 श्रेणी के वाहनों पर WLTP लागू किया जाएगा। इनमें पांच टन से कम वजन वाले वाहन शामिल हैं। इस श्रेणी में यात्री कारें, एसयूवी, एमपीवी, टैक्सी, यात्री बसें और अन्य कमर्शियल पैसेंजर वाहन आते हैं।

WLTP Emission Testing India: कैसे होगी वाहनों की टेस्टिंग?
इन वाहनों का परीक्षण AIS-175 मानकों के अनुसार किया जाएगा। टेस्टिंग प्रक्रिया चेसिस डायनेमोमीटर पर होगी, जिससे वाहन की वास्तविक ड्राइविंग स्थिति को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। इससे ईंधन खपत, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर जैसे प्रदूषक तत्वों की सटीक जानकारी मिलेगी।
BS6 Emission Norms Update: WLTP की खास बातें
WLTP की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह शहर और हाईवे दोनों तरह की ड्राइविंग परिस्थितियों को ध्यान में रखता है। इसमें स्पीड, ब्रेकिंग, एक्सीलरेशन और तापमान जैसे कई पहलुओं को शामिल किया जाता है। इससे वाहनों की वास्तविक परफॉर्मेंस सामने आती है और कंपनियां माइलेज को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं दिखा पाएंगी।

कब से लागू होगी नई व्यवस्था
सरकार के मुताबिक, 1 अप्रैल 2027 से WLTP सिस्टम को लागू किया जाएगा। इस तारीख के बाद बनने वाले सभी नए वाहनों पर यह नियम अनिवार्य होगा। पुराने वाहनों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
आम लोगों को क्या होगा फायदा
WLTP लागू होने से ग्राहकों को माइलेज और प्रदूषण से जुड़े ज्यादा भरोसेमंद आंकड़े मिलेंगे। साथ ही वाहन निर्माता कंपनियों पर भी दबाव बढ़ेगा कि वे ज्यादा ईंधन-कुशल और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन बनाएं। लंबे समय में यह कदम देश की हवा को साफ रखने और पर्यावरण संरक्षण में मददगार साबित होगा।
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