Tina Ambani Money Laundering Case : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन मामले में ‘रिलायंस ग्रुप’ के चेयरमैन अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी को नया समन जारी कर पूछताछ के लिए अगले सप्ताह उसके समक्ष पेश होने को कहा है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, पूर्व अभिनेत्री टीना अंबानी को सोमवार को यहां संघीय एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था लेकिन वह उपस्थित नहीं हुईं।
बता दें, परवर्तन निदेशालय (ईडी) 40,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच कर रही है।
Tina Ambani Money Laundering Case : क्या है मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) और उससे जुड़ी संस्थाओं से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के कथित बैंकिंग और कॉर्पोरेट धोखाधड़ी मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि SIT का नेतृत्व केंद्रीय जांच एजेंसी की मुख्यालय जांच इकाई (एचआईयू) के अतिरिक्त निदेशक रैंक के अधिकारी कर रहे हैं और इसमें लगभग आधा दर्जन अन्य जांचकर्ता शामिल हैं।
Tina Ambani News : प्रतिक्रिया का इंतजार

इन समन पर ‘रिलायंस ग्रुप’ की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पिछले वर्ष ईडी ने ‘रिलायंस ग्रुप’ की कई कंपनियों और उनसे जुड़े बैंक ऋणों की जांच के सिलसिले में अनिल अंबानी से पूछताछ की थी।
ऐसा समझा जाता है कि टीना अंबानी को न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक आलीशान संपत्ति की खरीद से जुड़े धन के लेनदेन के संबंध में पूछताछ के लिए तलब किया गया है।
ईडी ने हाल ही में इस मामले में रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था।
एजेंसी ने पहले एक बयान में दावा किया था कि आरकॉम (रिलायंस कम्यूनिकेशन) की कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) के दौरान वर्ष 2023 में न्यूयॉर्क स्थित इस संपत्ति को गर्ग द्वारा कथित रूप से ‘‘धोखाधड़ी’’ से बेचा गया।
समझा जाता है कि आरकॉम ने ‘‘धोखाधड़ी से की गई’’ इस बिक्री की जानकारी 2025 में शेयर बाजार को दी थी।
Tina Ambani ED Raid : क्या है ईडी का दावा

ईडी ने दावा किया, ‘‘बिक्री से मिली 83 लाख अमेरिकी डॉलर (2023 में लगभग 69.55 करोड़ रुपये) की रकम को अमेरिका से दुबई की एक संस्था को भेज दिया गया। यह रकम फर्जी निवेश के नाम पर भेजी गई थी। यह संस्था पाकिस्तान से जुड़े एक व्यक्ति के स्वामित्व वाली थी और यह सब समाधान पेशेवर (आरपी) की जानकारी या सहमति के बिना किया गया।’’
उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर ईडी ने अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (एडीएजी) के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी और उससे जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों की जांच के लिए हाल में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है।
इस जांच के तहत एजेंसी अब तक करीब 12,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है और इसने रिलायंस ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए हैं।
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