ग्रेटर नोएडा, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा में भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेतृत्व में एक भव्य “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा में हजारों की संख्या में महिलाओं, युवतियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लेकर अपनी एकजुटता और जागरूकता का परिचय दिया।
यह पदयात्रा आईआईएमटी कॉलेज से शुरू होकर जगत फार्म गोलचक्कर तक निकाली गई, जिसमें पूरे रास्ते नारी सम्मान और अधिकारों से जुड़े नारे गूंजते रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष राज नागर ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को एक व्यापक जनसमर्थन प्रदान किया। पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को लेकर जनजागरूकता बढ़ाना और समाज में नारी शक्ति की आवाज को मजबूती देना रहा।
इस कार्यक्रम में भाजपा उत्तर प्रदेश की प्रदेश प्रवक्ता महामेधा नागर और भाजपा जिला अध्यक्ष एडवोकेट अभिषेक शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने अपने संबोधन में महिलाओं के सशक्तिकरण, समान अधिकार और समाज में उनकी बढ़ती भागीदारी पर विशेष जोर दिया। प्रदेश प्रवक्ता महामेधा नागर ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 1996 से अब तक इन दलों ने महिलाओं के अधिकारों को आगे बढ़ाने के बजाय बाधित करने का कार्य किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 1998 में संसद में महिला आरक्षण से जुड़े बिल को फाड़ा गया और 2010 में राज्यसभा से पारित होने के बावजूद उसे लोकसभा में प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जब वर्तमान सरकार ने महिलाओं के हित में कदम उठाए, तो विपक्ष ने उसका विरोध किया, जो देश की महिलाओं के साथ अन्याय है।
वहीं, भाजपा जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने कहा कि यह पदयात्रा “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को लेकर महिलाओं की भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के लिए अब निर्णायक लड़ाई का समय आ गया है और समाज को मिलकर इसके लिए आवाज उठानी होगी।
इस पदयात्रा में जिला महामंत्री धर्मेंद्र भाटी, वीरेंद्र भाटी, जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र नागर, अरुण प्रधान, जिला मंत्री रजनी तोमर, मुकेश भाटी, वंदना वानखंडे, गायत्री तिवारी, गीता सागर, मीडिया प्रभारी कर्मवीर आर्य, युवा मोर्चा महामंत्री शक्ति रावल समेत कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। पदयात्रा के दौरान महिलाओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग हैं और अब किसी भी प्रकार के अन्याय को सहन नहीं करेंगी।
–आईएएनएस
पीकेटी/डीएससी
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