ज्ञानेश कुमार बोले- हम यूपी के मतदाताओं को संदेश देने के लिए आए हैं, युवाओं-बीएलओ से करेंगे सीधा संवाद

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लखनऊ, 24 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में भारत निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर है। अपने दौरे की शुरुआत में ज्ञानेश कुमार ने लखनऊ को अपनी ‘तपोभूमि’ बताते हुए कहा कि यहां उनकी शिक्षा हुई है और इस शहर से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। आयोग का फोकस इस दौरान युवा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने, चुनावी साक्षरता बढ़ाने और जमीनी स्तर पर निर्वाचन व्यवस्था की मजबूती पर रहेगा। ज्ञानेश कुमार ने कहा, ”लखनऊ मेरी तपोभूमि रही है, यहां मेरी शिक्षा भी हुई है। हम उत्तर प्रदेश के…

लखनऊ, 24 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में भारत निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर है। अपने दौरे की शुरुआत में ज्ञानेश कुमार ने लखनऊ को अपनी ‘तपोभूमि’ बताते हुए कहा कि यहां उनकी शिक्षा हुई है और इस शहर से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। आयोग का फोकस इस दौरान युवा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने, चुनावी साक्षरता बढ़ाने और जमीनी स्तर पर निर्वाचन व्यवस्था की मजबूती पर रहेगा।

ज्ञानेश कुमार ने कहा, ”लखनऊ मेरी तपोभूमि रही है, यहां मेरी शिक्षा भी हुई है। हम उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को संदेश देने के लिए आए हैं। खासतौर से बूथ-लेवल अधिकारियों, जो लोकतंत्र की आधारशिला हैं, से संवाद होगा। प्रदेश के विश्वविद्यालयों और स्कूलों में भी निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और पूरी प्रक्रिया को समझाने के लिए कार्यक्रम होंगे।”

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की शैक्षणिक उपलब्धियां भी इस दौरे को खास बनाती हैं। उन्होंने वर्ष 1979 में हाईस्कूल और 1981 में इंटरमीडिएट की यूपी बोर्ड परीक्षाओं में प्रदेश में टॉप किया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हाईस्कूल में करीब 10 लाख विद्यार्थियों और इंटरमीडिएट में करीब छह लाख विद्यार्थियों के बीच उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की थी।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त 24 अगस्त को लखनऊ के कॉल्विन तालुकदार कॉलेज के अवध सभागार में विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। यह वही संस्थान है, जहां उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई थी। इसके बाद वह इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में ईएलसी 2.0 और ईसीआईनेट पर आयोजित एक दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश में यह क्षेत्रीय सम्मेलन तीन चरणों में लखनऊ, मेरठ और वाराणसी में आयोजित किया जाएगा।

लखनऊ चरण में 20 जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और मीडिया नोडल अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा 120 विधानसभा क्षेत्रों के 440 शैक्षणिक संस्थानों से करीब 1,500 विद्यार्थी, शिक्षक, प्राचार्य और संस्थान प्रमुख हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में विद्यार्थियों को मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी लाइव डेमो के जरिए दी जाएगी। साथ ही ईसीआईनेट के डिजिटल तंत्र और नए ईएलसी पोर्टल के जरिए शैक्षणिक संस्थानों को ईएलसी 2.0 से जोड़ने की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी।

भारत निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2018 में एसवीईईपी कार्यक्रम के तहत निर्वाचन साक्षरता क्लब यानी ईएलसी की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों, निर्वाचन प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका से परिचित कराना था। अब डिजिटल दौर और युवाओं की बदलती भागीदारी को देखते हुए इसे ईएलसी 2.0 के रूप में नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में क्लबों को वर्षभर सक्रिय, अनुभवात्मक और डिजिटल रूप से सक्षम मंच बनाने पर जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम में मतदाता पंजीकरण के पात्र हो चुके तथा निकट भविष्य में पात्र होने वाले युवाओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही नैतिक मतदान, मताधिकार के महत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जिम्मेदार भागीदारी को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाएगी। दौरे के दूसरे दिन 25 अगस्त को मुख्य निर्वाचन आयुक्त इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मॉर्स हॉल में लखनऊ और आसपास के जिलों के करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों से सीधा संवाद करेंगे।

बीएलओ मतदाता और निर्वाचन तंत्र के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं। मतदाता सूची को अद्यतन रखने, पात्र मतदाताओं को सूची से जोड़ने, घर-घर संपर्क करने तथा मृत और स्थानांतरित मतदाताओं समेत अन्य प्रविष्टियों के जमीनी सत्यापन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि यह दो दिवसीय कार्यक्रम विद्यार्थियों और भावी मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ देने के साथ ही बीएलओ के जमीनी अनुभवों और सुझावों को सीधे आयोग तक पहुंचाने का अवसर देगा। इससे निर्वाचन प्रक्रिया को और प्रभावी, सुगम और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।

–आईएएनएस

विकेटी/एसके

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IANS Agency

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