लखनऊ, 25 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण कनेक्टिविटी को लेकर बड़ा दांव चला है। ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, 2026’ के जरिए 12 हजार से अधिक ऐसे गांवों तक बस सेवा पहुंचाई जाएगी, जहां अब तक सार्वजनिक परिवहन का कोई साधन नहीं था। यह सिर्फ सड़क या बस की बात नहीं, बल्कि गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार से जोड़ने का व्यापक मॉडल है।
लखनऊ से शुरू हुई इस पहल में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब विकास का मतलब सिर्फ सड़क बनाना नहीं, बल्कि उस पर नियमित और भरोसेमंद परिवहन सुनिश्चित करना है। 2011-12 में जहां ग्रामीण परिवहन पर घरेलू खर्च 4.2 प्रतिशत था, वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 7.5 फीसद हो गया—जो बदलती प्राथमिकताओं का संकेत है।
सरकार ‘शोर कम, काम ज्यादा’ के मंत्र के साथ अंतिम व्यक्ति तक सुविधा पहुंचाने पर जोर दे रही है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एक योजना के तहत प्रदेश की 59 हजार से ज्यादा ग्राम सभाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि करीब 5 हजार ऐसे गांव, जहां बड़ी बसें नहीं पहुंच सकतीं, वहां 28 सीटों तक की छोटी बसें चलाई जाएंगी। हर ग्राम पंचायत में दिन में कम से कम दो बार बस सेवा सुनिश्चित होगी—सुबह 10 बजे से संचालन शुरू होकर रात 8 बजे तक बसों की गांव में वापसी अनिवार्य होगी।
प्रारंभिक तौर पर 10 साल के लिए परमिट दिए जाएंगे, जिन्हें आगे बढ़ाया भी जा सकता है। यह योजना ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया द्वार भी खोलेगी। बस चालक और सहायक स्टाफ की भर्ती स्थानीय स्तर पर की जाएगी। साथ ही निजी ऑपरेटरों को कर छूट और परमिट में राहत देकर इस मॉडल में शामिल किया गया है, जिससे परिवहन व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
योजना के प्रभावी संचालन के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में समितियां बनाई जाएंगी, जो किराया निर्धारण से लेकर सेवा की निगरानी तक की जिम्मेदारी निभाएंगी। बसों का रात तक गांव लौटना अनिवार्य होगा, जिससे सेवा की नियमितता बनी रहे। छात्रों और आमजन को सीधा फायदा: इस पहल से करीब 1.5 करोड़ छात्रों को स्कूल-कॉलेज पहुंचने में आसानी होगी, जिससे ड्रॉपआउट दर में कमी आने की उम्मीद है।
साथ ही ग्रामीण परिवारों को महंगे और अस्थायी साधनों से राहत मिलेगी और उनका परिवहन खर्च भी घटेगा। निष्कर्ष: “मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, 2026” सिर्फ एक परिवहन योजना नहीं, बल्कि गांवों को अवसरों से जोड़ने की बड़ी पहल है। योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि विकास का असली पैमाना वही है, जो अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इस बार रास्ता बस के जरिए गांव-गांव तक बनाया जा रहा है।
–आईएएनएस
विकेटी/डीकेपी
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