Himachal Pradesh: समेज गांव में रहने वाले 36 लोग अभी भी लापता हैं। जिला प्रशासन एक अगस्त से ही लापता लोगों की तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक इन लोगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
हिमाचल में फिर फटा बादल
भारतीय सेना ने गुरुवार को रामपुर के समज में हुए बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और बहाली के अपने प्रयास जारी रखे हैं। सेना ने बचाव कार्यों को सुविधाजनक बनाने के लिए कटे हुए क्षेत्रों के बीच संपर्क स्थापित करने के लिए अस्थायी पुल बनाए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड और सीआईएसएफ की टीमें बचाव और तलाशी अभियान को अंजाम देने के लिए समन्वय कर रही हैं।
बचाव अभियान जारी है
होमगार्ड कमांडेंट आरपी नेप्टा ने एएनआई को रामपुर के समज में सुबह 7 बजे फिर से शुरू हुए बचाव अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज पांच जेसीबी तैनात की गई हैं और विभिन्न टीमें अधिकतम संख्या में शवों को बरामद करने के लिए समन्वय करने की कोशिश कर रही हैं।
कल समीक्षा बैठक हुई
होमगार्ड कमांडेंट ने कहा, “आज चौथा दिन है। कल समीक्षा बैठक हुई थी। आज हम युद्धस्तर पर काम करेंगे। यहां पांच जेसीबी तैनात की गई हैं। टास्क फोर्स को यहां अलग-अलग भूमिकाएं सौंपी गई हैं। आज सुबह 7 बजे तलाशी अभियान शुरू हुआ। मुझे उम्मीद है कि आज शव बरामद हो जाएंगे। स्थानीय लोगों ने हमें बताया है कि हमें शव कहां मिल सकते हैं। हम वहां भी तलाशी अभियान चलाएंगे। हम एक पुल भी बना रहे हैं।” “एनडीआरएफ, सीआईएसएफ, सेना और होमगार्ड की टीमें पहुंच गई हैं। हमें उम्मीद है कि आज ज्यादा से ज्यादा शव बरामद होंगे। बरामद किए गए तीन शवों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। इसलिए हम उन शवों को लोगों को दिखा रहे हैं। हम लोगों को राहत भी पहुंचा रहे हैं। यहां 36 लोग लापता हैं।” हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार को कहा कि प्रभावित इलाकों में करीब 50 लोगों के मारे जाने की आशंका है और आधिकारिक पुष्टि और बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही आधिकारिक संख्या घोषित की जा सकती है। सिंह ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता शवों को निकालना और राज्य के प्रभावित क्षेत्रों में यथाशीघ्र संपर्क बहाल करना है।
(Input From ANI)


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