तिरुवनंतपुरम, 2 नवंबर (आईएएनएस)। केरल में वी.डी. सतीशन सरकार ने अपने कार्यकाल के छह महीने से भी कम समय में 16 बड़े मामलों की जांच के आदेश दिए हैं, जिनमें से 12 मामले सीधे तौर पर पिछली एलडीएफ सरकार और सीपीआईएम से जुड़े हैं।
इन जांचों के पैमाने ने मई 2016 की यादें ताजा कर दी हैं, जब ओमन चांडी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-यूडीएफ सरकार को हराकर पिनाराई विजयन ने सत्ता संभाली थी।
विजयन सरकार के सत्ता में आने के बाद उठाए गए शुरुआती कदमों में से एक था, 1 जनवरी 2016 से लेकर उस साल मार्च में विधानसभा चुनावों की घोषणा होने तक, चांडी सरकार द्वारा लिए गए सभी कैबिनेट फैसलों की जांच करना।
दिलचस्प बात यह है कि उस समय सतीशन ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता वी.एम. सुधीरन के साथ मिलकर, उन फैसलों में से कई पर कड़े सवाल उठाए थे। हालांकि, जांच में कैबिनेट के उन फैसलों में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई।
एक दशक बाद, अब मुख्यमंत्री बन चुके सतीशन ने पिछली सरकार से जुड़े फैसलों और विवादों की कई जांचें शुरू कर दी हैं।
इनमें सबसे प्रमुख है, केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) के वित्तीय लेन-देन की विजिलेंस जांच। केआईआईएफबी पिछली एलडीएफ सरकार की एक प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग एजेंसी थी।
एक विशेष पुलिस टीम, लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना फुटबॉल टीम के प्रस्तावित केरल दौरे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच कर रही है।
क्राइम ब्रांच, पीएससी परीक्षाओं और नियुक्तियों (जिसमें वरिष्ठ पदों पर भर्तियां भी शामिल हैं) में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।
एक एसआईटी (विशेष जांच दल) सचिवालय के सामने यूथ कांग्रेस और केएसयू प्रदर्शनकारियों पर हुए हमलों के आरोपों की भी जांच कर रही है।
अन्य जांचों में कन्नूर जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष पी.पी. दिव्या से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताएं, चेवायुर सर्विस कोऑपरेटिव बैंक चुनाव में गड़बड़ियां, वडाकारा ‘काफिर’ स्क्रीनशॉट विवाद, और पूर्व मुख्यमंत्री को ले जा रही एक फ्लाइट के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन से जुड़ा मामला शामिल है।
सीएमआरएल-एक्सलॉजिक के वित्तीय लेन-देन, जिसमें विजयन और अन्य लोग शामिल हैं, की विजिलेंस जांच फिलहाल रुकी हुई है, क्योंकि हाई कोर्ट ने आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
सरकार का कहना है कि ये जांचें कानूनी पड़ताल और जरूरी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद शुरू की गई हैं। आने वाले दिनों में कुछ और मामले भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
इतने कम समय में इतनी सारी जांचें शुरू होने की वजह से, पिछली सरकार के खिलाफ लगे आरोपों को लेकर मौजूदा सरकार का रुख एक बड़ा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
–आईएएनएस
एससीएच/पीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



