नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत गुरुवार को 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अपना फैसला सुनाएगी।
कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और 10 अन्य आरोपियों से जुड़े मामले में फैसला सुनाने की तारीख 11 जून तक टाल दी थी।
यह मामला आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़ा है, जिनका शव 26 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फैली व्यापक सांप्रदायिक हिंसा के दौरान खजूरी खास इलाके के एक नाले से मिला था।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ताहिर हुसैन और उसके साथ मौजूद लोग उस गैर-कानूनी भीड़ और साजिश का हिस्सा थे, जिसके कारण दंगों के दौरान शर्मा की हत्या हुई।
मार्च 2023 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने हुसैन समेत 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। कोर्ट ने माना कि उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147 (दंगा करना), 148 (घातक हथियार के साथ दंगा करना), 153ए (अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 302 (हत्या) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
ताहिर हुसैन पर आईपीसी की धारा 505, 109 और 114 के तहत भी आरोप लगाए गए थे। ट्रायल कोर्ट ने तब कहा था कि हुसैन ने हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए भीड़ को उकसाया और उनसे कहा कि उन्हें बख्शना मत।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 26 फरवरी 2020 को शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका बेटा 25 फरवरी को घर का सामान खरीदने निकला था लेकिन लौटा नहीं।
बाद में कुमार को स्थानीय लोगों से पता चला कि चांद बाग इलाके से एक युवक को खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया था। इसके बाद अंकित शर्मा का शव नाले से बरामद किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि हुसैन और उनके साथी उनके बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार थे।
इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में हुसैन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की सिंगल-जज बेंच ने आरोपों और रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों पर विचार करने के बाद याचिका खारिज कर दी थी।
–आईएएनएस
एससीएच/वीसी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



