चार विधायकों के निलंबन के विरोध में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा के बाहर किया प्रदर्शन

Summary :

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे “लोकतंत्र की अंतिम यात्रा” कहा और पार्टी के चार विधायकों की निलंबन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए भाजपा पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। विपक्ष की नेता आतिशी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष के सदस्यों को निलंबित करके विधानसभा में लोकतांत्रिक बहस को दबाने और जनता के मुद्दों को उठाने से रोकने का प्रयास कर रही है। आतिशी ने आईएएनएस से कहा, “भाजपा लोकतंत्र को खत्म करने पर तुली हुई है। आज हम…

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे “लोकतंत्र की अंतिम यात्रा” कहा और पार्टी के चार विधायकों की निलंबन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए भाजपा पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

विपक्ष की नेता आतिशी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष के सदस्यों को निलंबित करके विधानसभा में लोकतांत्रिक बहस को दबाने और जनता के मुद्दों को उठाने से रोकने का प्रयास कर रही है।

आतिशी ने आईएएनएस से कहा, “भाजपा लोकतंत्र को खत्म करने पर तुली हुई है। आज हम दिल्ली विधानसभा के बाहर खड़े हैं। विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है, जहाँ जनता की आवाज उठती है और सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों अपनी राय रखते हैं।”

उन्होंने दावा किया कि विधानसभा में विपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है और आप विधायकों के निलंबन को लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर हमला करार दिया।

उन्होंने कहा, “अगर विपक्ष की आवाज़ दबा दी जाए और केवल जनता की आवाज उठाने के लिए विपक्षी विधायकों को एक-दो महीने के लिए विधानसभा से बाहर कर दिया जाए, तो इसका मतलब है कि लोकतंत्र का हत्या कर दी गई है।”

अतीशी ने कहा कि आप विधायक दल भाजपा के उस प्रयास के खिलाफ विरोध कर रहा है, जिसमें विधानसभा में असहमति की आवाज़ को दबाया जा रहा है। उन्होंने सत्तारूढ़ दल से अपील की कि आप विधायकों का निलंबन वापस लिया जाए।

उन्होंने कहा, “हम भाजपा से अनुरोध करते हैं कि हमारे निलंबित विधायकों को विधानसभा में पुनः प्रवेश करने दें। अन्यथा, हमारे किसी भी आप विधायक ने सत्र में भाग नहीं लिया जाएगा।”

आप विधायक इमरान हुसैन ने भी पार्टी सदस्यों के निलंबन की आलोचना करते हुए कहा कि यह विधानसभा में लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली को कमजोर करता है।

उन्होंने कहा, “हमारे चार विधायकों को निलंबित किया गया है। अगर आप बजट पेश करने की बात करते हैं लेकिन विपक्ष के सदस्यों को बाहर रखते हैं और उनका निलंबन वापस नहीं लेते, तो यह लोकतंत्र की हत्या के सिवाय और कुछ नहीं है।”

आप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी भाजपा की आलोचना की और दिल्ली में इसे “तानाशाही सरकार” चलाने का आरोप लगाया।

आतिशी ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि पुलिस का इस्तेमाल विरोध रोकने के लिए किया गया। “पुलिस द्वारा समर्थित तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आज जब आम आदमी पार्टी ने भाजपा की तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई, तो दिल्ली पुलिस ने सड़क पर ही बैरिकेड लगा दिए।”

उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा और भाजपा की अधिनायकवादी कार्यप्रणाली को उजागर करने के लिए अपने संघर्ष को जारी रखेगी।

जनवरी में शीतकालीन सत्र के दौरान आप के चार विधायक “संसद की कार्यवाही में विघ्न डालने” के आरोप में निलंबित किए गए थे। उनका निलंबन तब से जारी है क्योंकि पिछली बैठक को स्थगित नहीं किया गया था।

–आईएएनएस

पीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.