आम आदमी पार्टी में शामिल हुए पंजाब के पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा

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चंडीगढ़, 16 मई (आईएएनएस)। शिरोमणि अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा शनिवार को आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी में उनका स्वागत किया। उनके परिवार और कई समर्थकों ने भी उनके साथ आम आदमी पार्टी में शामिल होने का फैसला किया। रखड़ा का आम आदमी पार्टी में स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि 16 मई को पंजाब के राजनीतिक इतिहास में एक अहम दिन के तौर पर याद किया जाएगा, क्योंकि जनसेवा को समर्पित एक साफ-सुथरी और सम्मानित हस्ती आम आदमी पार्टी परिवार में शामिल…

चंडीगढ़, 16 मई (आईएएनएस)। शिरोमणि अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा शनिवार को आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी में उनका स्वागत किया। उनके परिवार और कई समर्थकों ने भी उनके साथ आम आदमी पार्टी में शामिल होने का फैसला किया।

रखड़ा का आम आदमी पार्टी में स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि 16 मई को पंजाब के राजनीतिक इतिहास में एक अहम दिन के तौर पर याद किया जाएगा, क्योंकि जनसेवा को समर्पित एक साफ-सुथरी और सम्मानित हस्ती आम आदमी पार्टी परिवार में शामिल हुई है। उन्होंने कहा कि सुरजीत सिंह रखड़ा के पास अपने कारोबार और निजी हितों को बढ़ाने पर ध्यान देने के हर मौके थे, लेकिन उन्होंने आम लोगों की सेवा का रास्ता चुना।

मुख्यमंत्री मान ने आगे कहा कि मैं पूरे रखड़ा परिवार और उनके सभी समर्थकों का आम आदमी पार्टी पंजाब परिवार में शामिल होने के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। कभी-कभी नेताओं को निजी हितों से ऊपर उठकर राज्य, समाज और आने वाली पीढ़ियों की भलाई के लिए काम करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि सुरजीत राखरा ने बार-बार शिरोमणि अकाली दल को अंदर से सुधारने की कोशिश की, लेकिन पार्टी भटक गई थी और गलत हाथों में चली गई थी। लोग पहले ही अकाली नेतृत्व को ‘बेअदबी’ की घटनाओं और ‘जन-विरोधी’ राजनीति में उनकी भूमिका की वजह से नकार चुके थे।

शिरोमणि अकाली दल पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन नेताओं ने कभी दावा किया था कि वे 25 साल तक पंजाब पर राज करेंगे, उनके पास अब पार्टी में 25 लोग भी नहीं बचे हैं। शिरोमणि अकाली दल इतना कमजोर हो गया है कि उनके लिए कमेटियां बनाना भी मुश्किल हो गया है।

मुख्यमंत्री मान ने यह भी कहा कि पंजाब को राज्य को फिर से बनाने और शासन को मजबूत करने के लिए अनुभवी और ईमानदार लोगों की जरूरत है। रखड़ा परिवार एकता और कड़ी मेहनत का प्रतीक है, और उनका अनुभव पंजाब और पार्टी दोनों को बहुत फायदा पहुंचाएगा।”

रखड़ा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान और ‘आप’ नेतृत्व का पार्टी में मेरा स्वागत करने के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। शिरोमणि अकाली दल छोड़ने का मेरा फैसला सीधे तौर पर ‘बेअदबी’ के मुद्दे और हाल ही में बने बेअदबी-विरोधी कानून से जुड़ा था।

रखड़ा ने आगे कहा कि लगभग डेढ़ साल तक, मैं नियमित रूप से समाना मोर्चे पर जाता रहा, जहां गुरजीत सिंह खालसा बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून की मांग करते हुए 400 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। मुझे पूरी शिद्दत से महसूस हुआ कि ऐसे कानून की जरूरत है।

–आईएएनएस

एसडी/डीकेपी

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