आंध्र प्रदेश : 2028 तक सभी घरों को मिलेगा सुरक्षित पेयजल

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अमरावती, 24 मार्च (आईएएनएस)। ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के तहत, 2028 तक आंध्र प्रदेश के सभी घरों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने आज नई दिल्ली में जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने जल जीवन मिशन का विस्तार करने के लिए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने इस मुद्दे को उठाया था। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जेजेएम के तहत हर ग्रामीण घर तक बिना किसी…

अमरावती, 24 मार्च (आईएएनएस)। ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के तहत, 2028 तक आंध्र प्रदेश के सभी घरों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने आज नई दिल्ली में जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने जल जीवन मिशन का विस्तार करने के लिए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने इस मुद्दे को उठाया था।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जेजेएम के तहत हर ग्रामीण घर तक बिना किसी रुकावट के और सुरक्षित पीने का पानी पहुंचाने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

उन्होंने नई दिल्ली में केंद्र और राज्यों के बीच जेजेएम 2.0 को लागू करने के लिए आयोजित एमओयू हस्ताक्षर समारोह में अमरावती से वर्चुअली हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण पेयजल आपूर्ति प्रणालियों के संचालन और रखरखाव को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने याद दिलाया कि इस संबंध में सितंबर 2025 में एक व्यापक नीति पेश की गई थी।

उन्होंने कहा कि जल आपूर्ति प्रणालियों के रखरखाव की ज़िम्मेदारी स्थानीय पंचायतों को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण इस मिशन के कार्यान्वयन पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्र सरकार से गोदावरी पुष्करम के समय तक पोलावरम परियोजना को पूरा करने में सहायता देने का भी आग्रह किया।

केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने बताया कि मिशन के पहले चरण में देश भर के 16 करोड़ घरों को नल के कनेक्शन दिए गए, जबकि 3 करोड़ अन्य घरों को अभी भी कवर किया जाना बाकी है।

उन्होंने सुझाव दिया कि आंध्र प्रदेश में पानी की गुणवत्ता की जांच करने के लिए डीडब्ल्यूएसीआरए महिला समूहों को शामिल किया जाए, जिससे ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाया जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि इस मिशन ने देश भर में लगभग 9 करोड़ महिलाओं पर से पानी लाने का बोझ पहले ही कम कर दिया है।

इस कार्यक्रम में जल शक्ति सचिव अशोक कुमार मीणा और आंध्र प्रदेश पंचायती राज के प्रधान सचिव एस.एस. रावत सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जबकि उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण अमरावती से वर्चुअली शामिल हुए।

–आईएएनएस

एससीएच

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