अमरावती, 11 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को आईबीएम स्किल्सबिल्ड, आंध्र प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद (एपीएससीएचई), आंध्र राज्य कौशल विकास निगम (एपीएसएसडीसी) और अमरावती क्वांटम वैली के सहयोग से एक बड़े पैमाने पर राज्यव्यापी डीप-टेक स्किलिंग विकास पहल की घोषणा की।
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि क्वांटम टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और उद्यमिता को कवर करने वाली इस पहल का उद्देश्य 2026-27 में 2 लाख शिक्षार्थियों तक पहुंचना और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म, उद्योग-संबंधित प्रशिक्षण और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्रों के माध्यम से पांच वर्षों में 10 लाख शिक्षार्थियों तक विस्तार करना है।
उन्होंने कहा कि इस पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करने के लिए गुंटूर स्थित आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय में प्रस्तावित एनआईईएलआईटी इनोवेशन एंड स्किलिंग सेंटर क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कम्युनिकेशन और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस केंद्र के इसी शैक्षणिक वर्ष से परिचालन शुरू करने की योजना है, जिससे हजारों छात्रों, शोधकर्ताओं और नवोन्मेषकों को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा, उन्नत प्रयोगशालाएं और उद्योग-संचालित शिक्षण अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने आगे कहा, “राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर आंध्र प्रदेश राज्य के छात्र प्रतिष्ठित एनपीटीईएल राष्ट्रीय परीक्षा में 4 स्वर्ण पदक और 14 रजत पदक प्राप्त करने पर गर्व महसूस करते हैं। ये उपलब्धियां हमारे राज्य की प्रतिभा, कड़ी मेहनत और बढ़ते प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाती हैं।”
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के सभी छात्रों से आग्रह किया कि वे क्वांटम वैली विजन के तहत भविष्य के लिए तैयार राज्य के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते हुए उन्नत शिक्षण प्लेटफार्मों, उभरती प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लें।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से भारत के भविष्य को आकार देने वाले वैज्ञानिकों, नवोन्मेषकों, उद्यमियों और युवा प्रतिभाओं को बधाई दी।
उन्होंने आगे कहा कि यह दिन भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों का जश्न मनाता है और पोखरण की सफलता को याद दिलाता है, जिसने हमारे राष्ट्र की शक्ति, क्षमता और अपनी प्रतिभा और संस्थानों में विश्वास को प्रदर्शित किया। यह हमें याद दिलाता है कि सतत प्रगति ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और मानव पूंजी में निवेश के माध्यम से ही संभव है। आंध्र प्रदेश नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देकर और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करके इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
–आईएएनएस
डीकेपी/
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