गुवाहाटी, 8 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि असम में बाढ़ की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और राज्य भर के राहत शिविरों में 77,000 से ज्यादा लोग अभी भी रह रहे हैं।
सीएम सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि बाढ़ से प्रभावित इलाकों में पुनर्वास और बहाली के काम तेज किए जा रहे हैं। राज्य सरकार हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। 77,000 से ज्यादा लोग अभी भी राहत शिविरों में हैं और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में पुनर्वास और बहाली के काम तेज किए जा रहे हैं।
यह ताजा जानकारी ऐसे समय में आई है, जब असम के कई हिस्से बाढ़ के असर से जूझ रहे हैं और हजारों लोग रहने की जगह और जरूरी मदद के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत शिविरों पर निर्भर हैं।
राज्य प्रशासन और जिला अधिकारी राहत और बचाव कार्यों में लगे हुए हैं, साथ ही बाढ़ से प्रभावित इलाकों में जरूरी बुनियादी ढांचे और सेवाओं को बहाल करने की कोशिशें भी चल रही हैं।
मुख्यमंत्री बाढ़ की स्थिति और राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में लगातार जानकारी दे रहे हैं।
अधिकारी बड़ी नदियों के जलस्तर और संवेदनशील इलाकों में तटबंधों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं, साथ ही कुछ जगहों पर हालात और बिगड़ने की आशंका को देखते हुए अधिकारी सतर्क भी हैं।
राहत शिविरों में 77,000 से ज्यादा लोगों का बने रहना राज्य के सामने मौजूद मानवीय चुनौती के बड़े पैमाने को दिखाता है, जिसमें तत्काल राहत कार्यों के साथ-साथ पुनर्वास भी मुख्य प्राथमिकता है।
सरकार बाढ़ से बाधित सड़कों, संचार संपर्कों और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे को बहाल करने पर भी ध्यान दे रही है, जबकि प्रभावित समुदायों को राहत तंत्र के जरिए मदद दी जा रही है। सरमा ने कहा कि प्रशासन हालात पर कड़ी नजर रख रहा है और जहां भी जरूरत होगी, बहाली और पुनर्वास के कामों में तेजी लाएगा।
इस सीजन में असम में बाढ़ की स्थिति के कारण कई जिलों में बड़े पैमाने पर व्यवधान पैदा हुआ है, जिससे घर, आजीविका और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है। बड़ी संख्या में लोगों के अभी भी राहत शिविरों में रहने के कारण, अधिकारियों से उम्मीद की जाती है कि वे तब तक पूरी तैयारी बनाए रखेंगे जब तक कि जलस्तर कम न हो जाए और प्रभावित परिवार सुरक्षित रूप से अपने घरों को न लौट जाएं।
–आईएएनएस
डीकेएम/एबीएम
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