असम पुलिस की कार्रवाई, 3 करोड़ की 30 हजार याबा गोलियां बरामद; तीन तस्कर गिरफ्तार

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गुवाहाटी, 10 जुलाई (आईएएनएस)। असम पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए श्री भूमि जिले में कार्रवाई के दौरान 30,000 याबा टैबलेट बरामद की हैं। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इनकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार का नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर असम पुलिस की तारीफ करते हुए लिखा, “हर खेप की एक मंजिल…

गुवाहाटी, 10 जुलाई (आईएएनएस)। असम पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए श्री भूमि जिले में कार्रवाई के दौरान 30,000 याबा टैबलेट बरामद की हैं। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इनकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार का नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर असम पुलिस की तारीफ करते हुए लिखा, “हर खेप की एक मंजिल होती है, लेकिन इस खेप की मंजिल पुलिस स्टेशन बनी।”

उन्होंने श्री भूमि पुलिस को 30 हजार याबा टैबलेट जब्त करने और तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए बधाई दी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, श्री भूमि जिले में विशेष अभियान के दौरान याबा टैबलेट की इस खेप को पकड़ा गया। कार्रवाई के दौरान तस्करी में शामिल तीन लोगों को हिरासत में लिया गया और करीब 3 करोड़ रुपए कीमत की नशीली गोलियां जब्त की गईं।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे काम कर रहे पूरे तस्करी नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, दक्षिण असम का बराक घाटी क्षेत्र लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसकी वजह यह है कि यह इलाका मणिपुर और मिजोरम जैसे राज्यों की सीमाओं से जुड़ा हुआ है। तस्कर अक्सर इन राज्यों से मादक पदार्थों की बड़ी खेप बराक घाटी के रास्ते दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाते हैं।

याबा, जिसे ‘क्रेजी ड्रग’ भी कहा जाता है, मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है। इसकी तस्करी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार बड़े पैमाने पर की जाती है।

पूर्वोत्तर में रणनीतिक स्थिति होने के कारण असम को लंबे समय से ड्रग तस्कर ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश करते रहे हैं। हालांकि, 2021 में हिमंत बिस्वा सरमा सरकार बनने के बाद राज्य में नशे के खिलाफ अभियान और तेज किया गया है। पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं, जब्त किए गए नशीले पदार्थों को नष्ट किया जा रहा है, और अंतरराज्यीय तथा सीमा पार सक्रिय तस्करी नेटवर्क को तोड़ा जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने और राज्य में मादक पदार्थों के प्रसार को रोकने के लिए संवेदनशील जिलों में ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। हालिया कार्रवाई असम में पिछले कुछ महीनों में हुई बड़ी ड्रग बरामदगी की घटनाओं में एक और महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

–आईएएनएस

वीकेयू/एएस

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