मेयर के इस्तीफे के बाद कोलकाता नगर निगम बोर्ड पर संकट, राज्य सरकार ने तीन दिन में मांगा जवाब

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कोलकाता, 6 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के नगर विकास एवं नगर मामलों के विभाग ने शनिवार को कोलकाता नगर निगम (केएमसी) को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा है कि मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद मौजूदा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) संचालित बोर्ड को भंग क्यों नहीं किया जाना चाहिए। राज्य सरकार के विभाग ने निगम प्रशासन से तीन दिन के भीतर लिखित जवाब मांगा है। यह नोटिस केएमसी की चेयरपर्सन, नगर आयुक्त, निगम सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है। नोटिस में कहा गया है कि वर्तमान में कोलकाता नगर निगम…

कोलकाता, 6 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के नगर विकास एवं नगर मामलों के विभाग ने शनिवार को कोलकाता नगर निगम (केएमसी) को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा है कि मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद मौजूदा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) संचालित बोर्ड को भंग क्यों नहीं किया जाना चाहिए।

राज्य सरकार के विभाग ने निगम प्रशासन से तीन दिन के भीतर लिखित जवाब मांगा है। यह नोटिस केएमसी की चेयरपर्सन, नगर आयुक्त, निगम सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है।

नोटिस में कहा गया है कि वर्तमान में कोलकाता नगर निगम नागरिकों को अपेक्षित स्तर की सेवाएं उपलब्ध कराने में विफल रहा है और यही बोर्ड को भंग करने पर विचार करने का एक प्रमुख कारण है।

यह नोटिस मेयर फिरहाद हकीम के शुक्रवार को आधिकारिक रूप से इस्तीफा देने के बाद उत्पन्न कानूनी विवाद के बीच जारी किया गया है। मौजूदा टीएमसी संचालित बोर्ड के भविष्य को लेकर केएमसी की चेयरपर्सन माला रॉय और राज्य के नगर विकास विभाग के बीच कानूनी व्याख्याओं को लेकर मतभेद सामने आए हैं।

राज्य सरकार का तर्क है कि कोलकाता नगर निगम अधिनियम, 1980 की धारा 117(1) के तहत राज्य सरकार को निगम बोर्ड को भंग करने का अधिकार प्राप्त है। विभाग का कहना है कि मेयर के इस्तीफे के बाद मौजूदा बोर्ड का कार्यकाल स्वतः समाप्त माना जाना चाहिए।

हालांकि, केएमसी चेयरपर्सन माला रॉय ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा है कि धारा 38 के तहत डिप्टी मेयर मेयर की अनुपस्थिति या अप्रत्याशित परिस्थितियों में उनके दायित्वों का निर्वहन कर सकते हैं, इसलिए मौजूदा बोर्ड अपना कार्यकाल पूरा कर सकता है।

माला रॉय ने यह भी कहा कि जब तक मौजूदा पार्षदों के बीच विश्वास मत के जरिए नया मेयर नहीं चुना जाता, तब तक धारा 28 के प्रावधानों के अनुसार डिप्टी मेयर मेयर के अधिकारों का प्रयोग कर सकते हैं। वर्तमान में अतिन घोष कोलकाता नगर निगम के डिप्टी मेयर हैं।

नगर विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हालांकि धारा 117(1) राज्य सरकार को निगम बोर्ड भंग करने का अधिकार देती है, लेकिन उससे पहले निगम प्रशासन को अपना पक्ष रखने का अवसर देना कानूनी रूप से आवश्यक है। इसलिए यह नोटिस जारी किया गया है।

अधिकारी ने कहा कि केएमसी की ओर से जवाब मिलने के बाद ही राज्य सरकार इस मामले में आगे का फैसला करेगी।

–आईएएनएस

डीएससी

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