कोलकाता, 23 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने शनिवार को रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) डॉ. अविक डे के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए, जिनका नाम अगस्त 2024 में कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला जूनियर डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के मामले और संस्थान से जुड़े करोड़ों के वित्तीय अनियमितताओं के मामले में सामने आया था।
आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के करीबी माने जाने वाले डे को मेडिकल कॉलेज से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार भी किया था।
हाल ही में, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरजी कर से जुड़े मामलों की फाइलों को फिर से खोलने की घोषणा की थी। कर मामलों में तीन भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों—कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल और पूर्व उपायुक्त अभिषेक गुप्ता और इंदिरा मुखर्जी – को कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जांच सीबीआई को सौंपे जाने से पहले कोलकाता पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में कथित खामियों के आरोप में निलंबित कर दिया गया था।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि आरजी कर मामले की नई जांच सीबीआई की मौजूदा जांच के समानांतर जारी रहेगी।
राज्य प्रशासन द्वारा आरजी कर मामले की फाइलें दोबारा खोले जाने के बाद, राज्यपाल ने शनिवार को डॉ. अविक डे के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया।
संयोगवश, मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, निलंबित तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
पता चला है कि डॉ. डे के खिलाफ कई आरोप सामने आए हैं, जिनमें उनके करीबी सहयोगियों के माध्यम से राज्य के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में तथाकथित धमकी का माहौल बनाने और सेवा कोटा के तहत अवैध रूप से स्नातकोत्तर प्रशिक्षण प्राप्त करने के आरोप शामिल हैं।
डे वर्तमान में पूर्वी बर्दवान जिले के बर्दवान मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत हैं।
आरजी कर विवाद के दौरान, राज्य भर के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में कथित तौर पर धमकी का माहौल चलाने के आरोपों में उनका नाम सामने आया था।
उन पर आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में घटनास्थल पर पहुंचने का भी आरोप लगा था, जबकि उनकी वहां कोई आधिकारिक भूमिका नहीं थी। पीड़िता का शव मिलने के बाद तड़के घटनास्थल पर उनकी उपस्थिति के समय और कारणों पर सवाल उठाए गए थे।
–आईएएनएस
एमएस/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



