इंदौर, 16 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर बेंच के न्यायाधीश मामले की अगली सुनवाई से पहले विवादित भोजशाला स्थल का व्यक्तिगत दौरा करेंगे। विभाजित बेंच ने स्पष्ट किया कि वह अगली सुनवाई से पहले विवादित स्थल का ‘व्यक्तिगत निरीक्षण’ करना चाहती है।
अपने आदेश में, न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि बेंच अगली सुनवाई की तारीख से पहले व्यक्तिगत रूप से स्थल का दौरा करेगी और निरीक्षण के दौरान न्यायाधीशों के साथ किसी अन्य व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं होगी।
न्यायमूर्ति विजय शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की पीठ ने मामले में आगे की कार्यवाही तय करते हुए यह टिप्पणी की।
न्यायाधीशों ने आगे कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने मामले के शीघ्र निपटारे के लिए पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए पीठ ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि मामले की सुनवाई और निर्णय यथाशीघ्र किया जाए। अगली सुनवाई की तारीख 2 अप्रैल तय की गई है।
सोमवार को हुई कार्यवाही के दौरान, खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों दोनों द्वारा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा तैयार की गई व्यापक रिपोर्ट पर प्रस्तुत विस्तृत सुझावों और आपत्तियों को सुना।
यह भी दर्ज किया गया कि इस बैच में पांच संबंधित याचिकाओं की एक साथ सुनवाई की जा रही है।
अदालत ने 23 फरवरी के अपने पूर्व आदेश को याद करते हुए सभी पक्षों को एएसआई सर्वेक्षण रिपोर्ट पर अपनी आपत्तियां, राय, सुझाव और सिफारिशें दो सप्ताह के भीतर दाखिल करने का निर्देश दिया था।
एएसआई ने 22 मार्च, 2024 से शुरू होकर 100 दिनों की अवधि में पूरे परिसर का विस्तृत वैज्ञानिक सर्वेक्षण और जांच की थी।
पीठ ने अपने आदेश में आगे दर्ज किया कि सर्वोच्च न्यायालय ने 22 जनवरी को इंदौर पीठ को तीन सप्ताह के भीतर सुनवाई करने का निर्देश दिया था।
पिछली कार्यवाही के दौरान, न्यायालय ने पाया था कि सीलबंद सर्वेक्षण रिपोर्ट पहले ही खोली जा चुकी है और सभी पक्षों को उसकी प्रतियां उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, इसलिए अब न्यायालय के समक्ष दस्तावेज को दोबारा खोलने की कोई आवश्यकता नहीं है।
यह घटनाक्रम दशकों पुराने विवाद में एक महत्वपूर्ण कदम है, और अब अदालत पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एएसआई की जमीनी जांच रिपोर्ट की पड़ताल करेगी।
न्यायाधीशों के व्यक्तिगत दौरे से मामले की आगे की कार्यवाही से पहले और अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
–आईएएनएस
एमएस/
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