भाजपा बराक घाटी विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करेगी: हिमंत बिस्वा सरमा

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गुवाहाटी, 22 मार्च (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को बराक घाटी में भाजपा की जीत की संभावनाओं पर भरोसा जताया और कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी इस क्षेत्र में निर्णायक जीत हासिल करने के लिए तैयार है। यहां पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि भाजपा बराक घाटी की कम से कम 10 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करेगी और यह संख्या 11 तक भी पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि हमें बराक घाटी की 10 सीटों पर जीत का पूरा भरोसा है। जिस तरह का समर्थन हमें मिल रहा है,…

गुवाहाटी, 22 मार्च (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को बराक घाटी में भाजपा की जीत की संभावनाओं पर भरोसा जताया और कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी इस क्षेत्र में निर्णायक जीत हासिल करने के लिए तैयार है।

यहां पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि भाजपा बराक घाटी की कम से कम 10 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करेगी और यह संख्या 11 तक भी पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि हमें बराक घाटी की 10 सीटों पर जीत का पूरा भरोसा है। जिस तरह का समर्थन हमें मिल रहा है, उससे यह संख्या 11 तक भी जा सकती है।

कछार, श्रीभूमि, और हैलाकांडी जिलों को मिलाकर बनी बराक घाटी में 13 विधानसभा सीटें हैं, जो चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। पिछले चुनावों में भाजपा और उसके सहयोगियों ने इस क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया था, और अब पार्टी अपनी स्थिति को और मजबूत करने का लक्ष्य बना रही है।

इसी बीच, मुख्यमंत्री ने आगामी चुनावों में पार्टी टिकट से वंचित तीन मौजूदा विधायकों से भी महत्वपूर्ण मुलाकात की। दिपायन चक्रवर्ती, निहाररंजन दास और मिहिर कांति दास ने शरमा से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें समझाने और चुनावों से पहले पार्टी में एकता सुनिश्चित करने का प्रयास किया।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मुख्य रूप से शिकायतों का समाधान करने और नेताओं को इस बार चुनाव न लड़ने के बावजूद पार्टी की सफलता के लिए काम करने के लिए राजी करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। बताया जा रहा है कि सरमा ने उन्हें भविष्य में उचित जिम्मेदारियों का आश्वासन दिया और जीत हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास के महत्व पर जोर दिया।

चुनाव से पहले, भाजपा ने सत्ता विरोधी लहर का मुकाबला करने और नए चेहरों को मौका देने की रणनीति के तहत कई मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया है। इस बार कम से कम 18 विधायकों को उम्मीदवार सूची से हटा दिया गया है, जो पार्टी की चुनावी संभावनाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए महत्वपूर्ण फेरबदल का संकेत है।

हालांकि, इस कदम से पार्टी के कुछ वर्गों में असंतोष पैदा हो गया है, जिसके चलते नेतृत्व को प्रत्यक्ष संपर्क और संवाद के माध्यम से स्थिति को संभालने का प्रयास करना पड़ रहा है।

भाजपा अगले कुछ दिनों में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद असम भर में अपना अभियान तेज करने जा रही है, और राज्य में सत्ता बरकरार रखने के लिए सुशासन, कल्याणकारी योजनाओं और संगठनात्मक शक्ति पर भरोसा कर रही है।

–आईएएनएस

एमएस/

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