टीटीएएडीसी चुनाव से पहले पार्टी तोड़ने की साजिश: टिपरा मोथा प्रमुख

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अगरतला, 14 मार्च (आईएएनएस)। टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के प्रमुख प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने शनिवार को आरोप लगाया कि त्रिपुरा में जनजातीय आधार वाली उनकी पार्टी को तोड़ने की साजिश रची जा रही है। टीएमपी फिलहाल राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी है। त्रिपुरा ट्राइबल एरिया ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के मुख्यालय खुमुलवांग में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए देबबर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री मणिक साहा ने धलाई जिले के धूमाचरा में एक रैली के दौरान घोषणा की है कि भाजपा आगामी चुनाव में सभी 28 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। देबबर्मा ने कहा, “जब मुख्यमंत्री…

अगरतला, 14 मार्च (आईएएनएस)। टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के प्रमुख प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने शनिवार को आरोप लगाया कि त्रिपुरा में जनजातीय आधार वाली उनकी पार्टी को तोड़ने की साजिश रची जा रही है। टीएमपी फिलहाल राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी है।

त्रिपुरा ट्राइबल एरिया ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के मुख्यालय खुमुलवांग में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए देबबर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री मणिक साहा ने धलाई जिले के धूमाचरा में एक रैली के दौरान घोषणा की है कि भाजपा आगामी चुनाव में सभी 28 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी।

देबबर्मा ने कहा, “जब मुख्यमंत्री ने सभी 28 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है, तो इससे दोनों दलों के बीच गठबंधन प्रभावी रूप से टूट गया है। गठबंधन हम नहीं तोड़ रहे हैं, बल्कि मुख्यमंत्री ने ही इसे तोड़ दिया है।”

उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सभी 28 सीटों पर उम्मीदवार उतारती है तो आगामी चुनाव में “टिपरासा” (जनजातीय) समुदाय भाजपा को हराने का काम करेगा।

देबबर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य सभी जनजातीय समुदायों के बीच एकता बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों में ईसाई और हिंदू दोनों धर्मों के लोग हैं, लेकिन टीएमपी धर्म के आधार पर राजनीति नहीं करती। “आदिवासी बेहद गरीब हैं और हमारी पार्टी उनके आर्थिक, संवैधानिक और भूमि अधिकारों के लिए लड़ रही है।”

टीएमपी प्रमुख की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब मीडिया में खबरें चल रही हैं कि पार्टी के कुछ विधायक, जिनमें एक मंत्री भी शामिल हैं, टीटीएएडीसी चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री मणिक साहा ने गुरुवार को इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वन मंत्री अनिमेष देबवर्मा और कुछ अन्य विधायकों के भाजपा में शामिल होने की खबरें महज अफवाह हैं।

वर्तमान में 30 सदस्यीय त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त ज़िला परिषद (टीटीएएडीसी) में 28 निर्वाचित और दो राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्य हैं। वर्ष 2021 के चुनाव में टीएमपी ने 18 सीटें जीतकर परिषद पर नियंत्रण हासिल किया था, जबकि भाजपा ने 11 सीटों पर चुनाव लड़कर नौ सीटें जीती थीं।

यह परिषद त्रिपुरा के लगभग दो-तिहाई क्षेत्र को कवर करती है और यहां करीब 12.16 लाख लोग रहते हैं, जिनमें लगभग 84 प्रतिशत लोग आदिवासी समुदाय से हैं।

अप्रैल में होने वाले टीटीएएडीसी चुनाव से पहले भाजपा, उसके सहयोगी त्रिपुरा का मूल निवासी मोर्चा (आईपीएफटी), टिपरा मोथा पार्टी के साथ-साथ विपक्षी दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी जनजातीय मतदाताओं के समर्थन को मजबूत करने में जुट गए हैं।

त्रिपुरा की कुल करीब 42 लाख आबादी में लगभग एक-तिहाई हिस्सा जनजातीय समुदाय का है, जिससे आगामी परिषद चुनाव राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

–आईएएनएस

डीएससी

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