महाराष्ट्र में बारिश: अस्पताल के बिस्तर से ही डिप्टी सीएम शिंदे ने बैठक की; पार्टी के तीन मंत्रियों को दिए निर्देश

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मुंबई, 6 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को अस्पताल के बिस्तर से ही राज्य में बाढ़ की गंभीर स्थिति का जायजा लिया। उन्‍होंने आईवी (सलाइन) सपोर्ट पर होने के बावजूद मुंबई, कोंकण और रायगढ़ में लगातार भारी बारिश से हुए बड़े नुकसान का आकलन करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक हाई-लेवल मीटिंग की। उन्होंने मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे बचाव कार्यों में तेजी लाएं और सुनिश्चित करें कि प्रभावित नागरिकों तक तुरंत राहत पहुंचे। पूरे राज्य में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही…

मुंबई, 6 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को अस्पताल के बिस्तर से ही राज्य में बाढ़ की गंभीर स्थिति का जायजा लिया। उन्‍होंने आईवी (सलाइन) सपोर्ट पर होने के बावजूद मुंबई, कोंकण और रायगढ़ में लगातार भारी बारिश से हुए बड़े नुकसान का आकलन करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक हाई-लेवल मीटिंग की।

उन्होंने मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे बचाव कार्यों में तेजी लाएं और सुनिश्चित करें कि प्रभावित नागरिकों तक तुरंत राहत पहुंचे।

पूरे राज्य में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मुंबई, ठाणे, पुणे और कोंकण क्षेत्र इस बारिश से सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुए हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कोंकण में नदियां खतरे के निशान को पार करने लगी हैं, जबकि रायगढ़ में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे संकट पर बारीकी से नजर रखते हुए अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे। उन्होंने जमीनी स्तर पर नागरिकों की मदद के लिए शिवसेना पार्टी के कार्यकर्ताओं, मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को काम पर लगाया है।

उन्होंने सोमवार सुबह नए निर्देश जारी करने के लिए एक और वीडियो कॉन्फ्रेंस की। जिलेवार बाढ़ की स्थिति का आकलन किया, राहत सामग्री की उपलब्धता की जांच की और यह पता लगाया कि कौन से राजनीतिक नेता जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं।

उन्होंने नेताओं को निर्देश दिया कि वे तुरंत प्रभावित इलाकों का दौरा करें, निवासियों से मिलकर उनकी समस्याएं समझें और तत्काल मदद पहुंचाने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करें।

डिप्टी सीएम शिंदे ने रायगढ़ और रत्नागिरी के मंत्रियों भरत गोगावले, योगेश कदम और उदय सामंत को खास निर्देश दिए। उन्होंने उन्हें महाड और पूरे रायगढ़ जिले में पानी भरे इलाकों पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया। मंत्रियों को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का व्यक्तिगत रूप से दौरा करने और फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाने का आदेश दिया गया है।

डिप्टी सीएम शिंदे ने मुंबई के गार्जियन मिनिस्टर (प्रभारी मंत्री) के तौर पर अस्पताल से ही म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े के साथ वर्चुअल मीटिंग की। मुंबई में मॉनसून से निपटने की तैयारियों का जायजा लेते हुए, उन्होंने सभी सिविक अधिकारियों को फील्ड पर उतरने और स्थानीय वार्ड पार्षदों की शिकायतों को पूरी गंभीरता से हल करने का आदेश दिया।

मुंबई में हाल ही में पेड़ गिरने की घटनाओं में हुई बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए, डिप्टी सीएम शिंदे ने भविष्य की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए खतरनाक और खतरनाक ढंग से झुके हुए पेड़ों को तुरंत हटाने का आदेश दिया। उन्होंने नगर निकाय को खुले मैनहोल को सुरक्षित करने और शहर भर में भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों का अच्छी तरह से ऑडिट करने का भी निर्देश दिया।

थकान और गले के संक्रमण के कारण डिप्टी सीएम शिंदे पिछले तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उनकी हालत अब स्थिर है और उसमें सुधार हो रहा है। हाल ही में टीवी चैनलों पर उनकी एक वर्चुअल मीटिंग की तस्वीर सामने आई, जिसमें डिप्टी सीएम दोनों हाथों में सलाइन आईवी लाइन लगी होने के बावजूद राज्य के कामकाज निपटाते हुए दिखे।

नागोठाने इलाके में भूस्खलन की खबर मिलने के बाद, डिप्टी सीएम शिंदे के निर्देश पर मंत्री भरत गोगावले तुरंत रायगढ़ के लिए रवाना हो गए। वे खुद बचाव और राहत कार्यों की निगरानी करेंगे और आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेंगे। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद, गोगावले से डिप्टी सीएम शिंदे को स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

एएसएच/पीएम

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