मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विपक्ष की अविश्वास प्रस्ताव पर टिप्पणी से परहेज किया

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नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। निष्पक्ष और प्रलोभन-मुक्त विधानसभा चुनाव कराने का संकल्प लेते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को विपक्ष द्वारा संसद में उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की कथित कोशिश पर किसी भी चर्चा में शामिल होने से परहेज किया। राजनीतिक दलों की ओर से भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर लगाए गए पक्षपात के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर सीईसी ने कहा, “आयोग इस तरह की बातचीत में शामिल नहीं होना चाहता।” चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए सीईसी…

नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। निष्पक्ष और प्रलोभन-मुक्त विधानसभा चुनाव कराने का संकल्प लेते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को विपक्ष द्वारा संसद में उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की कथित कोशिश पर किसी भी चर्चा में शामिल होने से परहेज किया।

राजनीतिक दलों की ओर से भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर लगाए गए पक्षपात के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर सीईसी ने कहा, “आयोग इस तरह की बातचीत में शामिल नहीं होना चाहता।”

चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए सीईसी ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी विधानसभा चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव निकाय द्वारा उठाए गए कदमों का विवरण साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत में चुनाव संविधान और कानून के अनुसार होते हैं। राजनीतिक हिंसा या प्रलोभन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उनकी यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा ईसीआई पर किए गए हमले और कोलकाता के एस्प्लेनेड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ किए गए धरने के ठीक बाद आई है, जो 6 फरवरी की दोपहर से शुरू हुआ था। इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने शुक्रवार को पुष्टि की कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों में नोटिस जमा कर दिए गए हैं, और ये कदम कानून के पालन में उठाए गए हैं ताकि संसद में सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि अगला कदम इस मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन करना होगा।

संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए रॉय ने कहा कि सीईसी के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की प्रक्रिया संवैधानिक प्रावधानों और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करती है।

टीएमसी सांसद ने कहा, “कमेटी कानून के मुताबिक बनाई जाएगी। हमारी क्या उम्मीद है? हमारा नोटिस कानून के मुताबिक है और एक कमेटी बनाई जानी चाहिए। मुख्य आरोप यह है कि उन्होंने लोगों के वोट देने के अधिकार छीन लिए हैं और वोटर लिस्ट से कई नाम हटा दिए गए हैं। यह पूरी तरह से गलत है। साथ ही, कई बूथ-लेवल अधिकारियों की जान भी चली गई है।”

रविवार को सीईसी ने कहा, “असम और केरल में 9 अप्रैल को एक ही चरण में वोटिंग होगी। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 9 अप्रैल को चुनाव होंगे। तमिलनाडु में सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को एक ही चरण में चुनाव होंगे। 294 सदस्यों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए, वोटिंग दो चरणों में होगी। 152 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को चुनाव होंगे, जबकि बाकी 142 सीटों के लिए दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा। वहीं, चुनावी नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।”

–आईएएनएस

पीएसके

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