रायपुर, 7 मई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत सभी जिलों में एक साथ सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने के लिए तैयार है।
इस साल के समारोहों में अलग-अलग धर्मों और समुदायों के 2,300 से ज्यादा जोड़े, जिनमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और खास तौर पर कमजोर आदिवासी समूह शामिल हैं, अपनी-अपनी रस्मों और परंपराओं के अनुसार शादी के बंधन में बंधेंगे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस कार्यक्रम को समानता, गरिमा और एकता का उत्सव बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह कार्यक्रम सिर्फ शादियां करवाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना और यह सुनिश्चित करना भी है कि समाज के सबसे कमजोर तबकों तक कल्याणकारी योजनाएं पहुंचें।
इस पहल को पहले ही वैश्विक स्तर पर पहचान मिल चुकी है।
10 फरवरी 2026 को रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित राज्य-स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह में रिकॉर्ड 6,412 जोड़ों की शादी हुई। इस आयोजन को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में भी जगह मिली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्तिगत रूप से 1,316 जोड़ों को आशीर्वाद दिया, जबकि अन्य जोड़ों ने अपने-अपने जिलों से वर्चुअल माध्यम से इसमें हिस्सा लिया।
शुक्रवार को होने वाले इन समारोहों से छत्तीसगढ़ की छवि एक ऐसे राज्य के तौर पर और मजबूत होने की उम्मीद है, जो परंपराओं को प्रगतिशील कल्याणकारी उपायों के साथ जोड़ता है और विवाह को सामाजिक न्याय, समानता और सामूहिक गौरव का प्रतीक बनाता है।
इन समारोहों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और प्रशासनिक अमला सभी जिलों में अंतिम व्यवस्थाओं को पूरा करने में जुटा है। विभिन्न समुदायों के लोगों की भागीदारी छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और सरकार के समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बेटियों की शादी कभी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए चिंता का सबब हुआ करती थी। वहीं, इस योजना ने उस चिंता को आत्मविश्वास और गरिमा में बदलने में मदद की है।
साल 2006 में शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत, हर नवविवाहित जोड़े को 35 हजार रुपए की आर्थिक सहायता के साथ-साथ घर-गृहस्थी का जरूरी सामान और शादी की रस्मों के लिए जरूरी इंतजाम भी मुहैया कराए जाते हैं।
इस योजना का मकसद गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले परिवारों को लाभ पहुंचाना है। इसके लिए पात्रता ‘मुख्यमंत्री खाद्य योजना’ के तहत जारी किए गए राशन कार्ड से जुड़ी हुई है। यह योजना विधवाओं, अनाथों और बेसहारा महिलाओं को भी सहायता प्रदान करती है, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी इस लाभ से वंचित न रह जाए।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों में व्यापक इंतज़ाम किए हैं ताकि जोड़ों और उनके परिवारों के लिए एक गरिमापूर्ण और आरामदायक माहौल सुनिश्चित किया जा सके।
–आईएएनएस
पीएसके
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