मुंबई, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को गढ़चिरौली के प्रशासन, सामाजिक संगठनों और स्थानीय निवासियों को बधाई दी। गढ़चिरौली जिले ने नीति आयोग की अप्रैल-जून 2026 की तिमाही ‘डेल्टा रैंकिंग’ में देश भर में पहला स्थान हासिल किया है।
यह तिमाही आकलन नीति आयोग के प्रमुख कार्यक्रम एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम के तहत किया जाता है, जिसमें जिलों की प्रगति को प्रमुख मानव विकास संकेतकों पर मापा जाता है।
गढ़चिरौली ने पूरे देश में टॉप स्थान हासिल किया, जबकि जम्मू-कश्मीर का बारामुला जिला दूसरे स्थान पर रहा।
सीएम फडणवीस ने ‘एक्स’ पोस्ट में इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय जल संरक्षण, स्वास्थ्य सेवा, महिला शिक्षा और औद्योगिक कौशल विकास सहित कई क्षेत्रों में हुई सफलता को दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले के टॉप प्रदर्शन के पीछे प्रमुख संरचनात्मक सुधार और लक्षित सरकारी हस्तक्षेप रहे हैं। उन्होंने कहा, “प्रमुख जल संरक्षण पहलों के तहत, खासकर पुनर्जीवित जलयुक्त शिवार अभियान और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत जिले भर में 6,000 से ज्यादा जल भंडारण संरचनाओं का निर्माण किया गया। इससे स्थानीय भूजल स्तर में काफी सुधार हुआ है, कृषि उपज और ग्रामीण जल सुरक्षा बढ़ी है।”
सीएम फडणवीस ने बताया, “दूरदराज के आदिवासी इलाकों में प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुविधाओं का विस्तार किया गया, ताकि ड्रॉपआउट दर को कम किया जा सके और संस्थागत स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा सके। आधार से जुड़े बैंक खातों के प्रमाणीकरण में बड़े स्तर पर तेजी लाई गई, जिससे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) सुव्यवस्थित हुआ और ग्रामीण वित्तीय समावेशन मजबूत हुआ।”
सीएम फडणवीस ने कहा, “गढ़चिरौली में आईटीआई में महिंद्रा, लॉयड्स और टाटा ट्रस्ट्स जैसे बड़े कॉर्पोरेट भागीदारों के सहयोग से एडवांस वोकेशनल कोर्स शुरू किए गए। प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) में लक्षित सुधार किए गए, साथ ही गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण कार्यक्रम चलाए गए।”
इस उपलब्धि के पीछे सामूहिक प्रयास को रेखांकित करते हुए सीएम ने जिला प्रशासन, जमीनी स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों, सामाजिक संगठनों, निजी भागीदारों और गढ़चिरौली के नागरिकों के समन्वित प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि समर्पित शासन, कॉर्पोरेट साझेदारी और जन भागीदारी मिलकर क्या हासिल कर सकते हैं। गढ़चिरौली का नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचना साबित करता है कि दृढ़ संकल्प से ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र भी सतत विकास में देश का नेतृत्व कर सकते हैं। मैं इस ऐतिहासिक जीत में योगदान देने वाले हर अधिकारी, भागीदार संगठन और नागरिक को बधाई देता हूं।”
मुख्यमंत्री ने इस गति को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि गढ़चिरौली सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता रहे।
नीति आयोग का गढ़चिरौली को टॉप पर चुनना ऐसे समय में हुआ है जब फडणवीस ने गढ़चिरौली को भारत का प्रमुख ‘ग्रीन स्टील हब’ बनाने का विजन रखा है। यह उस जिले के लिए बड़ा बदलाव है जो कभी माओवादी उग्रवाद और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था।
क्षेत्र के प्रचुर खनिज संसाधनों (जिनमें उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क, मैंगनीज और चूना पत्थर शामिल हैं) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गढ़चिरौली स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल स्टील उत्पादन की दिशा में देश का नेतृत्व करेगा।
राज्य सरकार विदर्भ में बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण को बढ़ावा दे रही है, जिसका लक्ष्य गढ़चिरौली को केंद्र बनाकर 50 एमटीपीए स्टील निर्माण क्षमता हासिल करना है। जिले में औद्योगिक परियोजनाओं को सतत, कम उत्सर्जन वाली तकनीकों के साथ जोड़ा जा रहा है, ताकि गढ़चिरौली को भारत की ग्रीन स्टील क्रांति के शुरुआती बिंदु के रूप में स्थापित किया जा सके।
–आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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