कांग्रेस ने डीएमके को धोखा दिया, इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए: कर्नाटक भाजपा

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बेंगलुरु, 6 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तमिलनाडु में अपने सहयोगी डीएमके के साथ विश्वासघात किया है और कहा कि इंडिया महागठबंधन में शामिल पार्टियों को इस घटनाक्रम पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। अशोक ने बेंगलुरु में भाजपा के पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि तमिलनाडु में डीएमके के साथ चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने अब पार्टी का साथ छोड़ दिया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का असली चेहरा बेनकाब हो गया है और डीएमके के नेता, जिन्होंने…

बेंगलुरु, 6 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तमिलनाडु में अपने सहयोगी डीएमके के साथ विश्वासघात किया है और कहा कि इंडिया महागठबंधन में शामिल पार्टियों को इस घटनाक्रम पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।

अशोक ने बेंगलुरु में भाजपा के पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि तमिलनाडु में डीएमके के साथ चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने अब पार्टी का साथ छोड़ दिया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का असली चेहरा बेनकाब हो गया है और डीएमके के नेता, जिन्होंने पार्टी पर भरोसा किया था, निराश हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद एक साथ आकर सरकार बनाने की सहमति बनी थी, लेकिन नतीजों के बाद कांग्रेस ने अपना रुख बदल लिया।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस किसी सुसंगत विचारधारा का पालन नहीं करती और उसने डीएमके को धोखा दिया है, जिससे साबित होता है कि उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

उन्होंने चेतावनी दी कि इंडिया महागठबंधन के अन्य सहयोगी दलों को ध्यान देना चाहिए कि कांग्रेस अपने सहयोगियों के साथ कैसा व्यवहार करती है, अन्यथा उन्हें भी डीएमके जैसी ही स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

श्रृंगेरी में वोटों की दोबारा गिनती के मुद्दे पर अशोक ने कहा कि राज्यपाल के समक्ष मामला उठाए जाने के बाद स्पीकर यूटी खादर ने भाजपा विधायक डीएन जीवराज को शपथ दिलाने पर सहमति जताई है।

उन्होंने कहा कि एक बार उम्मीदवार का नाम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित हो जाने और चुनाव आयोग द्वारा प्रमाण पत्र जारी हो जाने के बाद शपथ दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि राज्यपाल या उनके द्वारा नामित कोई व्यक्ति शपथ दिला सकता है, और उन्होंने अध्यक्ष के परिणाम स्वीकार करने और शपथ ग्रहण समारोह को आगे बढ़ाने के निर्णय का स्वागत किया।

अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की आलोचना करते हुए कहा कि अगर उन्हें लगता था कि कोई गड़बड़ी हुई है तो उन्हें पहले ही अदालत का रुख करना चाहिए था। उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव आयोग और ईवीएम पर विरोधाभासी रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे जीतने पर तो परिणाम स्वीकार करते हैं, लेकिन हारने पर उन पर सवाल उठाते हैं।

उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की विभिन्न राज्यों में ईवीएम को लेकर असंगत बयान देने के लिए भी आलोचना की और कहा कि नेताओं को चुनाव परिणामों पर जिम्मेदारी से बोलना चाहिए।

–आईएएनएस

डीकेपी/

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