तिरुवनंतपुरम, 14 मई (आईएएनएस)। केरल के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर वी.डी सतीशन के नाम की घोषणा के साथ ही सीएम फेस को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने अब अपना ध्यान राजनीतिक खींचतान से हटाकर सत्ता हस्तांतरण पर केंद्रित कर लिया है। मुख्यमंत्री पद के लिए नामित वी.डी सतीशन सोमवार को शपथ ग्रहण करेंगे। राज्य के मुख्यमंत्री का मुद्दा सुलझने के बाद यूडीएफ के भीतर नए मंत्रिमंडल की संरचना को लेकर गहन चर्चा शुरू हो गई।
सूत्रों के अनुसार, यह सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं कि सभी 20 मंत्री सतीशन के साथ शपथ लें, जिससे मंत्रिमंडल के चरणबद्ध विस्तार की संभावना समाप्त हो जाएगी और इसके बजाय पहले ही दिन पूर्ण पैमाने पर राजनीतिक शुभारंभ का विकल्प चुना जाएगा।
केरल में परंपरागत रूप से गठबंधन के सहयोगी दलों के नेता शपथ समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के साथ शपथ लेते हैं, हालांकि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को अंतिम रूप देने में हुई देरी के बाद बची हुई अनिश्चितता की जरा सी भी आशंका से बचने के लिए कांग्रेस नेतृत्व उत्सुक नजर आ रहा है। यूडीएफ जो संदेश देना चाहता है वह स्पष्ट है। अशांति समाप्त हो गई है, सरकार तैयार है और गठबंधन एकजुट है।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व और प्रमुख सहयोगियों, जिनमें इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और केरल कांग्रेस गुट शामिल हैं, के बीच पोर्टफोलियो आवंटन और मंत्री पदों पर प्रतिनिधित्व को लेकर गहन विचार-विमर्श जारी है।
सत्ता बंटवारे का व्यापक फार्मूला काफी हद तक तय हो चुका है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण विभागों और कैबिनेट के भीतर क्षेत्रीय संतुलन को लेकर अभी भी चर्चा जारी है।
कांग्रेस नेतृत्व इस बात से भी अवगत है कि 102 सीटों का भारी जनादेश हासिल करने के बाद सुचारू और स्थिर शुरुआत की उम्मीदें असाधारण रूप से अधिक हैं।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने निजी तौर पर स्वीकार किया है कि मंत्रिमंडल गठन में किसी भी देरी से अनावश्यक अटकलों को फिर से हवा मिल सकती है, ऐसे समय में जब गठबंधन निर्णायकता और प्रशासनिक तत्परता प्रदर्शित करना चाहता है।
आईयूएमएल सुप्रीमो पनक्कड़ सैय्यद सादिक अली शिहाब थंगल ने कहा, “वी.डी सतीशन को नया मुख्यमंत्री घोषित किए जाने पर हम इस फैसले के लिए आभार व्यक्त करते हैं। हमने शुरू से ही यह स्पष्ट कर दिया था कि हम एआईसीसी नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे। यह सरकार अगले पांच वर्षों तक एक सच्चे ‘टीम यूडीएफ’ प्रशासन के रूप में कार्य करेगी।
एआईसीसी उच्च कमान अंतिम निर्णय लेने वाली संस्था है और इस निर्णय पर पहुंचने से पहले उसने व्यापक विचार-विमर्श की एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन किया। नेतृत्व ने हमारे जैसे सहयोगियों के साथ एक से अधिक बार परामर्श भी किया।”
थंगल ने कहा, “अब हम पार्टी के भीतर चर्चा करेंगे और अपने मंत्री प्रतिनिधियों पर फैसला करेंगे।”
सतीशन के लिए सोमवार का समारोह एक व्यक्तिगत राजनीतिक उपलब्धि से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होगा। यह प्रतीकात्मक रूप से वामपंथी सरकार पर वर्षों से चल रहे लगातार हमलों के बाद सत्ता हस्तांतरण का संकेत देगा।
यदि वर्तमान योजना साकार होती है तो नए मुख्यमंत्री अकेले नहीं, बल्कि पूरे मंत्रिमंडल के साथ पदभार ग्रहण कर सकते हैं।
–आईएएनएस
पीआईएम/वीसी
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