सीबीएसई की नई ओएसएम प्रणाली में मार्किंग अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने केंद्र को घेरा

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नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोमवार को केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा में हाल ही में शुरू की गई ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ (ओएसएम) प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के कारण देशभर में लाखों छात्रों में अनिश्चितता पैदा हुई है। कांग्रेस के महासचिव (संचार प्रभारी) और सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में आरोप लगाया कि ओएसएम सिस्टम लागू होने से “लाखों बच्चों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो गया है” और सीबीएसई के कामकाज…

नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोमवार को केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा में हाल ही में शुरू की गई ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ (ओएसएम) प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के कारण देशभर में लाखों छात्रों में अनिश्चितता पैदा हुई है।

कांग्रेस के महासचिव (संचार प्रभारी) और सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में आरोप लगाया कि ओएसएम सिस्टम लागू होने से “लाखों बच्चों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो गया है” और सीबीएसई के कामकाज पर गंभीर सवाल उठे हैं।

जयराम रमेश ने दावा किया कि इस साल 12वीं कक्षा का पास प्रतिशत 88 प्रतिशत से घटकर 85 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां हुईं, जिनमें धुंधली और पढ़ने में मुश्किल उत्तर पुस्तिकाएं, गलत अंकन, छात्रों को गलत उत्तर पुस्तिकाएं मिलना, भुगतान में देरी और री-इवैल्यूएशन फीस बहुत ज्यादा होना शामिल है।

जयराम रमेश ने अपनी पोस्ट में कहा कि सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम’ शुरू किया है, जिससे देशभर में लाखों छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस साल 12वीं का पास प्रतिशत तीन प्रतिशत अंक घट गया है और पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया में अनियमितताएं बताई जा रही हैं।

ओएसएम सिस्टम एक डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया है, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन किया जाता है, छात्रों की पहचान छिपाने के लिए उन्हें डिजिटल रूप से मास्क किया जाता है और फिर शिक्षकों द्वारा कंप्यूटर स्क्रीन पर उनका मूल्यांकन किया जाता है।

धर्मेंद्र प्रधान को निशाना बनाते हुए जयराम ने कहा कि मंत्री ने तब प्रतिक्रिया दी जब चिंताएं बढ़ गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री इस व्यवस्था को लागू करने से पहले आने वाली चुनौतियों का अनुमान लगाने में विफल रहे।

धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री तब प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जब व्यवस्था में समस्याएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री तकनीकी समस्याओं को हल करने के लिए आईआईटी कानपुर को शामिल कर खुद को बेहतर तरीके से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय ने डिजिटल मार्किंग सिस्टम अपनाने से पहले पर्याप्त योजना क्यों नहीं बनाई और आधिकारिक जवाब देने में एक हफ्ते से ज्यादा समय क्यों लगा।

केंद्र सरकार पर हमला तेज करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि शिक्षा मंत्री को देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यह बताना चाहिए कि ऐसे मंत्री को, जिनकी वजह से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है, इतने लंबे समय तक पद पर क्यों बनाए रखा गया।

–आईएएनएस

एसएचके/पीएम

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