चेन्नई, 8 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु में सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) की सरकार बनने का रास्ता धीरे-धीरे साफ होता जा रहा है। अब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने शुक्रवार को टीवीके को औपचारिक रूप से बिना शर्त समर्थन दिया है।
यह समर्थन विधानसभा में सीपीआई विधायक दल के नेता टी. रामचंद्रन द्वारा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को सौंपे गए पत्र के माध्यम से व्यक्त किया गया।
पत्र में कहा गया है कि यह निर्णय सीपीआई के राज्य नेतृत्व के निर्देशों के तहत और हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में जनता द्वारा दिए गए जनादेश के अनुरूप लिया गया है।
पत्र में कहा गया है कि सीपीआई विधायक दल, जिसमें दो सदस्य हैं, राज्य में अगली सरकार के गठन के लिए टीवीके और उसके अध्यक्ष और विधायक दल के नेता सी. जोसेफ विजय को अपना बिना शर्त समर्थन दे रहा है।
पत्र में आगे कहा गया है कि यह समर्थन तमिलनाडु राज्य में 23 अप्रैल 2026 को हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों के मद्देनजर दिया जा रहा है। तमिलनाडु की जनता के लिए स्थिर, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक शासन के हित में दिया जा रहा है। पार्टी ने राज्यपाल से इस समर्थन को रिकॉर्ड में दर्ज करने और सरकार गठन से संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का भी आग्रह किया है।
सीपीआई के लीडर डी. राजा ने कहा कि उनकी पार्टी ने न सिर्फ समर्थन दिया है बल्कि राज्यपाल से कहा कि वो टीवीके को सरकार बनाने के लिए बुलाएं। डी राजा ने कहा कि तमिलनाडु में एक सेक्युलर सरकार के गठन के लिए सीपीआई, सीपीआईएम और वीसीके ने टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है।
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में मिले खंडित जनादेश के बाद से चल रही गहन बातचीत और बदलते गठबंधनों के बीच यह घटनाक्रम राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
4 मई को घोषित परिणामों के अनुसार त्रिशंकु विधानसभा बनी, जिसमें टीवीके 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। कांग्रेस ने पहले विजय की पार्टी को समर्थन दिया था, जिससे गठबंधन की ताकत 112 सीटों तक पहुंच गई थी।
डीएमके के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन की सदस्य सीपीआई के समर्थन से विजय का खेमा सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 सीटों के बहुमत के करीब पहुंच गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीपीआई के इस कदम से अन्य छोटी पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों पर तेजी से बदलते राजनीतिक परिदृश्य में अपनी स्थिति स्पष्ट करने का दबाव बढ़ सकता है। इस बीच राज्यपाल द्वारा राज्य में सरकार बनाने के लिए किसी भी गठबंधन को आमंत्रित करने पर अंतिम निर्णय लेने से पहले राजनीतिक दलों के साथ परामर्श जारी रखने की उम्मीद है।
–आईएएनएस
ओपी/वीसी
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