डीए बकाया मामले में पंजाब सरकार को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना कार्यवाही पर लगाई रोक

Summary :

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य अधिकारियों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा शुरू की गई आपराधिक अवमानना की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह मामला सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (डीए) का बकाया भुगतान न करने से जुड़ा है। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने यह भी निर्देश दिया कि सिविल अवमानना ​​की कार्यवाही में मुख्य सचिव के खिलाफ कोई कठोर कदम न उठाया जाए। इस तरह, कोर्ट ने पंजाब सरकार को दोनों तरह की अवमानना ​​कार्यवाहियों में…

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य अधिकारियों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा शुरू की गई आपराधिक अवमानना की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।

यह मामला सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (डीए) का बकाया भुगतान न करने से जुड़ा है।

जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने यह भी निर्देश दिया कि सिविल अवमानना ​​की कार्यवाही में मुख्य सचिव के खिलाफ कोई कठोर कदम न उठाया जाए। इस तरह, कोर्ट ने पंजाब सरकार को दोनों तरह की अवमानना ​​कार्यवाहियों में अंतरिम राहत दी।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वह मार्च 2027 तक बकाया राशि के भुगतान के लिए एक ठोस योजना लेकर आए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह बकाया भुगतान के संबंध में एक सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद करता है।

मामले की सुनवाई दिसंबर तक के लिए टालते हुए जस्टिस नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने मौखिक रूप से कहा, “आपको कुछ समय मिल गया है। एक सकारात्मक जवाब लेकर आएं। आप कितनी राशि जारी करेंगे?”

विवाद की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि आपराधिक अवमानना ​​मामले में अगली सुनवाई तक कार्यवाही रुकी रहेगी।

यह मामला तब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जब पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के उन आदेशों को चुनौती दी, जो सिविल और आपराधिक अवमानना ​​कार्यवाहियों से जुड़े थे। ये कार्यवाहियां डीए और महंगाई राहत (डीआर) की बकाया किस्तों को जारी करने के निर्देशों का पालन न करने के कारण शुरू हुई थीं।

सिविल अवमानना ​​की कार्यवाही के दौरान हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया था, क्योंकि वे कोर्ट के पिछले निर्देशों के अनुसार अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने में विफल रहे थे।

यह अवमानना ​​मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के 3 अगस्त के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें राज्य सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को डीए और डीआर की सभी बकाया किस्तें जारी करने का निर्देश दिया गया था।

इस बीच, गुरुवार को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने आपराधिक अवमानना ​​के मामले की सुनवाई टाल दी। ऐसा तब किया गया, जब कोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट राज्य सरकार की उस ‘स्पेशल लीव पिटिशन’ (एसएलपी) पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें अवमानना ​​कार्यवाही के दौरान दिए गए आदेशों को चुनौती दी गई है।

–आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.