नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिणी दिल्ली के वसंत एन्क्लेव इलाके में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां भारतीय सेना के ब्रिगेडियर और उनके बेटे के साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं, उन्हें इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
यह घटना 11 अप्रैल की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब ब्रिगेडियर अपने बेटे के साथ खाना खाने के बाद टहलने के लिए घर से निकले थे। आईएएनएस से बात करते हुए ब्रिगेडियर ने बताया कि जैसे ही वे अपने घर के बाहर पहुंचे, उन्होंने देखा कि एक कार में बैठे दो लोग खुलेआम शराब पी रहे थे। उन्होंने इसका विरोध किया, जिस पर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख ब्रिगेडियर ने तुरंत पुलिस को कॉल किया और पीसीआर वैन को बुलाया। पुलिस के पहुंचने में करीब 20 मिनट लग गए।
इस दौरान हालात और बिगड़ गए। कार में बैठे लोगों ने अपने कुछ साथियों को मौके पर बुला लिया। थोड़ी ही देर में 7-8 लोग वहां पहुंच गए और उन्होंने ब्रिगेडियर के बेटे के साथ मारपीट शुरू कर दी। जब ब्रिगेडियर ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई। इस पूरी घटना में दोनों को चोटें आईं।
ब्रिगेडियर ने बताया कि इसके बाद वे वसंत विहार थाने पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें उम्मीद के मुताबिक मदद नहीं मिली। पुलिस ने उनसे मेडिकल लीगल सर्टिफिकेट (एमएलसी) लाने को कहा, लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी उनके साथ अस्पताल नहीं गया। मजबूर होकर उन्हें खुद ही आरआर अस्पताल जाना पड़ा, जहां उन्होंने अपना एमएलसी बनवाया। हैरानी की बात यह रही कि इसके बाद भी पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की और सिर्फ एक जनरल डायरी में एंट्री कर ली।
इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। भारतीय सेना ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और ब्रिगेडियर की मदद के लिए कदम उठाए हैं। मिलिट्री पुलिस की एक टीम को उनकी सहायता के लिए लगाया गया है और दिल्ली पुलिस से इस मामले में उचित जांच और कार्रवाई करने को कहा गया है।
इस घटना पर सेना के अधिकारी कर्नल दानवीर सिंह ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर चिंता जताई। उन्होंने लिखा कि एक सेवा में तैनात अधिकारी, जो देश के लिए कई बार जोखिम उठा चुका है, उसे अपने ही शहर में इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा, यह बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने बताया कि ब्रिगेडियर पहले कश्मीर और एलओसी जैसे संवेदनशील इलाकों में ऑपरेशन का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन शायद उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन उन्हें अपने ही समाज में इस तरह की हिंसा झेलनी पड़ेगी।
कर्नल ने यह भी आरोप लगाया कि जब यह सब हो रहा था, तब पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन उसने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। काफी प्रयासों के बाद आखिरकार इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जिससे कुछ उम्मीद जगी है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
–आईएएनएस
पीआईएम/वीसी
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