आनंद पर्वत मर्डर केस: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार, एक नाबालिग को भी पकड़ा

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नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को चाकूबाजी मर्डर मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की वेस्ट रेंज-I (डब्‍ल्‍यू-I) यूनिट ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए इस महीने की शुरुआत में आनंद पर्वत पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट किए गए एक बेरहम चाकूबाजी मर्डर केस के सिलसिले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और एक नाबालिग को भी पकड़ लिया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी 21 साल के सागर के सनसनीखेज मर्डर में शामिल था। सागर पर 14 और 15 मई की रात को पुरानी रंजिश के चलते कई…

नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को चाकूबाजी मर्डर मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की वेस्ट रेंज-I (डब्‍ल्‍यू-I) यूनिट ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए इस महीने की शुरुआत में आनंद पर्वत पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट किए गए एक बेरहम चाकूबाजी मर्डर केस के सिलसिले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और एक नाबालिग को भी पकड़ लिया।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी 21 साल के सागर के सनसनीखेज मर्डर में शामिल था। सागर पर 14 और 15 मई की रात को पुरानी रंजिश के चलते कई बार चाकू से हमला किया गया था। यह केस आनंद पर्वत पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत दर्ज किया गया था।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी से अभियोजन पक्ष का केस काफी मजबूत हुआ है और जांच अपने तार्किक निष्कर्ष के करीब पहुंच गई है। घटनाओं के पूरे क्रम का पता लगाने और अन्य साथियों (यदि कोई हों) की भूमिका की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी की पहचान हिमांशु तिवारी के रूप में हुई है, जो पटेल नगर, दिल्ली के बलजीत नगर का रहने वाला है। किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, “एस” नाम के एक नाबालिग (कानून के साथ संघर्षरत बच्चा/सीसीएल) को भी पकड़ा गया है।

यह केस सागर के मर्डर से जुड़ा है, जिस पर कथित तौर पर आरोपियों और उनके साथियों ने पुरानी रंजिश के चलते हमला किया था। अपराध करने के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में दिल्ली छोड़कर राजस्थान भाग गए थे।

हेड कांस्टेबल नवीन को 25 और 26 मई की रात को सूचना मिली कि मर्डर केस में फरार चल रहा आरोपी हिमांशु तिवारी, राजौरी गार्डन में वेस्ट साइड मॉल के पास आएगा।

इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए डब्‍ल्‍यूआर-I, क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर प्रकाश चंद ने किया, और इसमें एसआई अमित कुमार, हेड कांस्‍टेबल नवीन और विनोद कुमार, और कांस्टेबल कृष्ण शामिल थे। यह टीम एसीपी राजकुमार की कड़ी निगरानी में काम कर रही थी।

पुलिस टीम ने वेस्ट साइड मॉल के पास जाल बिछाया और 19 साल के हिमांशु तिवारी को पकड़ लिया। ऑपरेशन के दौरान किशोर न्याय अधिनियम के तहत कानूनी प्रावधानों के अनुसार, सीसीएल (कानून का उल्लंघन करने वाला बच्चा) को भी हिरासत में ले लिया गया।

पूछताछ के दौरान हिमांशु तिवारी ने खुलासा किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पुरानी दुश्मनी के चलते सागर पर चाकू से हमला किया था। हत्या के बाद वह गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान भाग गया था।

पुलिस ने बताया कि आरोपी बाद में पैसे लेने और एक साथी से मिलने के लिए दिल्ली लौटा, जिसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे पकड़ लिया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हिमांशु तिवारी पढ़ाई कर रहा था, जब कम उम्र में ही वह गलत संगत में पड़ गया।

पुरानी रंजिश और आपराधिक संपर्कों के कारण, वह अपने साथियों के साथ मिलकर इस हत्या के मामले में शामिल हो गया। घटना के बाद वह लगातार अपनी जगह बदलता रहा और फरार रहा, जिसके बाद आखिरकार क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद हिमांशु तिवारी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35.1(सी) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। किशोर से संबंधित कार्यवाही किशोर न्याय अधिनियम के अनुसार की गई।

इसके बाद दोनों आरोपियों को अदालत और संबंधित किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) के समक्ष पेश किया गया, और बाद में आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए आनंद पर्वत पुलिस को सौंप दिया गया।

–आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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