दिल्ली: दोहरे हत्याकांड में शामिल हाशिम बाबा गैंग का गुर्गा मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

Summary :

नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। 2024 में दिल्ली में दिवाली के दौरान हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी को राष्ट्रीय राजधानी के शास्त्री पार्क इलाके में पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान उसे गोली लगी थी। आरोपी की पहचान आमिर के तौर पर हुई है, जिसे सलीम और टिल्लन के नाम से भी जाना जाता है। पुलिस के मुताबिक, 34 वर्षीय आमिर दिल्ली के मौजपुर इलाके के विजय पार्क का रहने वाला है और जेल में बंद गैंगस्टर हासिम बाबा से उसके संबंध हैं। यह गिरफ्तारी 31 अक्टूबर, 2024 को शाहदरा में…

नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। 2024 में दिल्ली में दिवाली के दौरान हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी को राष्ट्रीय राजधानी के शास्त्री पार्क इलाके में पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान उसे गोली लगी थी।

आरोपी की पहचान आमिर के तौर पर हुई है, जिसे सलीम और टिल्लन के नाम से भी जाना जाता है। पुलिस के मुताबिक, 34 वर्षीय आमिर दिल्ली के मौजपुर इलाके के विजय पार्क का रहने वाला है और जेल में बंद गैंगस्टर हासिम बाबा से उसके संबंध हैं। यह गिरफ्तारी 31 अक्टूबर, 2024 को शाहदरा में दिवाली के जश्न के दौरान हुए हाई-प्रोफाइल दोहरे हत्याकांड की जांच में एक अहम मोड़ है।

शाहदरा के फर्श बाजार इलाके की बिहारी कॉलोनी में प्रॉपर्टी डीलर 40 वर्षीय आकाश शर्मा और उनके 16 वर्षीय भतीजे ऋषभ शर्मा की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय वे परिवार के साथ त्योहार मना रहे थे। हमले में आकाश शर्मा का 10 वर्षीय बेटा कृष भी गंभीर रूप से घायल हुआ था।

घटनाक्रम इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया था। घटना के बाद, पुलिस ने फर्श बाजार पुलिस स्टेशन में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया और शामिल लोगों की पहचान के लिए व्यापक जांच शुरू की। बाद में पता चला कि दो हमलावर स्कूटर पर आए थे। पुलिस की जांच के अनुसार, हमलावरों में से एक ने ध्यान भटकाने के लिए आकाश शर्मा के पैर छुए और फिर दोनों ने पीड़ितों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं।

जांच के दौरान, पुलिस ने हत्याओं के पीछे पैसे के लेन-देन के विवाद को मुख्य वजह पाया। जांच टीम के अनुसार, 17 वर्षीय एक नाबालिग, जो कथित तौर पर आकाश शर्मा का दूर का रिश्तेदार और पूर्व सहयोगी था, ने उन्हें 70,000 रुपए उधार दिए थे। पुलिस का आरोप है कि जब शर्मा ने पैसे नहीं लौटाए और कॉल का जवाब देना बंद कर दिया, तो नाबालिग ने हमले को अंजाम देने के लिए एक पेशेवर शूटर का इंतजाम किया।

कथित शूटर की पहचान बाद में अनिल उर्फ ​​सोनू मटका के तौर पर हुई। वह एक जाना-माना अपराधी है और उस पर हत्या के मामले और करोल बाग में 1.5 करोड़ रुपए की बड़ी डकैती में शामिल होने जैसे गंभीर अपराधों का आरोप है। पुलिस ने यह भी दावा किया कि उसके लॉरेंस बिश्नोई-हाशिम बाबा क्रिमिनल नेटवर्क से संबंध थे। हत्याओं के कुछ ही समय बाद नाबालिग संदिग्ध को पकड़ लिया गया था।

मामले में एक और आरोपी आमिर के ठिकाने के बारे में सोमवार को पुलिस को जानकारी मिलने पर बड़ी कामयाबी मिली। इस जानकारी के आधार पर, उसे खोजने और पकड़ने के लिए एक स्पेशल पुलिस टीम बनाई गई। एक गुप्त मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस टीम ने दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में मेट्रो डिपो के पास जाल बिछाया।

अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन सोमवार देर रात तब पूरा हुआ जब पुलिस टीम ने संदिग्ध को रोका। पुलिस अधिकारियों ने कहा, “खुद को पुलिस पार्टी से घिरा देख, आरोपी ने अपनी पिस्तौल निकाली और पुलिस पार्टी पर गोली चला दी। इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल मनोज ने आत्मरक्षा में आरोपी के पैरों पर गोली चलाई।”

पुलिस के अनुसार, आमिर ने पुलिस टीम पर गोली चलाकर गिरफ्तारी का विरोध करने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और बाद में रेड करने वाली टीम ने उसे काबू कर लिया। काबू में आने के बाद आमिर को हिरासत में ले लिया गया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने पुष्टि की कि उसे अब इस मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।

–आईएएनएस

डीसीएच/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.