तेलंगाना कांग्रेस नेता ने गृह मंत्री शाह पर सूखा राहत सहायता न देने का आरोप लगाया

Summary :

हैदराबाद, 6 नवंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) की उपाध्यक्ष कोटा नीलिमा ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने कथित तौर पर सूखे से प्रभावित तेलंगाना को कोई केंद्रीय सहायता नहीं दी है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और संवैधानिक जिम्मेदारी के बीच अंतर न कर पाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के 31 जिलों के 365 मंडलों में सूखा घोषित किया गया है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद की अपनी हालिया यात्रा के दौरान कांग्रेस शासित राज्य को कोई केंद्रीय सहायता नहीं दी और…

हैदराबाद, 6 नवंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) की उपाध्यक्ष कोटा नीलिमा ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने कथित तौर पर सूखे से प्रभावित तेलंगाना को कोई केंद्रीय सहायता नहीं दी है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और संवैधानिक जिम्मेदारी के बीच अंतर न कर पाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना के 31 जिलों के 365 मंडलों में सूखा घोषित किया गया है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद की अपनी हालिया यात्रा के दौरान कांग्रेस शासित राज्य को कोई केंद्रीय सहायता नहीं दी और इसके बजाय हमेशा की तरह सांप्रदायिक नाटकबाजी की।

उन्होंने कहा कि इससे तेलंगाना के आम लोगों के प्रति भाजपा का अहंकार झलकता है।

उन्होंने एक बयान में कहा कि सूखे के कारण ग्रामीण और शहरी तेलंगाना आर्थिक अनिश्चितता, नुकसान और चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। राज्य सरकार फसल के नुकसान और भोजन और पीने के पानी की कमी के कारण व्यापक संकट को दूर करने के लिए प्रयासरत है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसे समय में जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तेलंगाना का दौरा करते हैं और सांप्रदायिक मुद्दों पर बात करते हैं। यह अमित शाह के लिए ‘जो मन करे सो करो’ वाला क्षण है। वे उसी अहंकारी अभिजात वर्ग की तरह व्यवहार कर रहे हैं जिसने क्रांति को जन्म दिया था।

नीलिमा ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम राजनीति से सूखे की समस्या का समाधान नहीं हो सकता। किसानों को राहत चाहिए कृषि मजदूरों को रोजगार चाहिए और परिवारों को इसके आर्थिक दुष्परिणामों से सुरक्षा चाहिए। शहरी तेलंगाना और हैदराबाद को पेयजल बहाली के माध्यम से सहायता की आवश्यकता है। भाजपा को यह स्पष्ट करना होगा कि अमित शाह के भाषण में तेलंगाना की सबसे अहम चिंताओं को क्यों जगह नहीं मिली।

उन्होंने बताया कि 1 जून से 31 अक्टूबर के बीच तेलंगाना में 24 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार सूखा राहत के लिए 30,000 करोड़ रुपए की मांग कर रही है।

राज्य की मांगों में एनडीआरएफ सहायता, एक केंद्रीय मूल्यांकन दल, केंद्र के एसडीआरएफ हिस्से की रिहाई, फसल हानि सहायता, इनपुट सब्सिडी और पेयजल, चारा और भूजल बहाली के लिए सहायता शामिल हैं। राज्य ने ग्रामीण रोजगार योजना वीबी-जी राम जी के तहत 50 अतिरिक्त दिनों के रोजगार की भी मांग की है।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और संवैधानिक उत्तरदायित्व के बीच अंतर करने में पूरी तरह विफल रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि जब 31 जिले सूखे से जूझ रहे हैं, तब भाजपा तेलंगाना के लोगों के साथ खड़े होने के बजाय राजनीतिक नाटकबाजी में व्यस्त है। दूसरी ओर, कांग्रेस सरकार तेलंगाना के लोगों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम सूखे के प्रभाव से हर घर की रक्षा के लिए सक्रिय कदम उठा रहे हैं और तेलंगाना को मिलने वाली हर एक रुपए की सहायता के लिए हम संघर्ष जारी रखेंगे।

–आईएएनएस

एमएस/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.