नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन से यातायात ठप, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

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नोएडा, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में सोमवार को फैक्ट्री मजदूरों के प्रदर्शन ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिसकी वजह से दिल्ली और नोएडा के बीच ट्रैफिक बुरी तरह से बाधित हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा और लोगों को वैकल्पिक रास्तों से जाने की सलाह दी गई। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, चिल्ला बॉर्डर से नोएडा की ओर जाने वाले रास्ते पर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने जाम लगा दिया, जिससे नोएडा लिंक रोड पर भारी भीड़ लग गई। दिल्ली से नोएडा जाने वाले लोगों को…

नोएडा, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में सोमवार को फैक्ट्री मजदूरों के प्रदर्शन ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिसकी वजह से दिल्ली और नोएडा के बीच ट्रैफिक बुरी तरह से बाधित हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा और लोगों को वैकल्पिक रास्तों से जाने की सलाह दी गई।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, चिल्ला बॉर्डर से नोएडा की ओर जाने वाले रास्ते पर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने जाम लगा दिया, जिससे नोएडा लिंक रोड पर भारी भीड़ लग गई। दिल्ली से नोएडा जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की कि वे यात्रा से पहले प्लानिंग करें और इस रास्ते से बचें।

पुलिस ने सुझाव दिया कि नोएडा जाने के लिए लोग सराय काले खां से डीएनडी फ्लाईवे का इस्तेमाल करें या फिर एनएच-24 होते हुए कोंडली ब्रिज के रास्ते नोएडा मोड़ से एंट्री लें। इन वैकल्पिक रास्तों पर भी दबाव बढ़ा, लेकिन फिर भी कुछ हद तक ट्रैफिक को संभाला जा सका।

दरअसल, यह पूरा मामला सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन से जुड़ा है। नोएडा के फेज-2 इलाके में पिछले तीन दिनों से हजारों मजदूर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि सैलरी बढ़ाई जाए और काम करने की स्थितियों में सुधार किया जाए। सोमवार को यह प्रदर्शन और तेज हो गया और बड़ी संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए, जिससे कई इंडस्ट्रियल सेक्टरों में कामकाज भी प्रभावित हुआ।

सेक्टर-62 में तो हालात और भी ज्यादा खराब हो गए, जहां मजदूरों की भारी भीड़ के चलते लंबा जाम लग गया। पहले से ही बॉर्डर पर जाम लगा हुआ था, ऊपर से यहां की स्थिति ने ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की। प्रशासन की कोशिश है कि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

गौरतलब है कि रविवार को जिला प्रशासन ने मजदूरों और कंपनी प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी और उनकी मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया था। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि मजदूरों की समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ नए निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें ओवरटाइम के लिए डबल सैलरी देना, हर हफ्ते एक दिन की छुट्टी सुनिश्चित करना और अगर छुट्टी के दिन काम कराया जाए तो उसका दोगुना भुगतान करना शामिल है।

इसके अलावा, सभी कंपनियों को हर महीने की 10 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य किया गया है। बोनस का भुगतान नियमों के अनुसार करना होगा और सैलरी सीधे बैंक खाते में डालनी होगी।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि कर्मचारियों को सैलरी स्लिप देना जरूरी होगा और बिना वजह किसी तरह की कटौती नहीं की जा सकेगी। अगर कोई कंपनी नियमों का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मजदूरों की शिकायतों के समाधान के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। प्रशासन ने मजदूरों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें, अफवाहों से दूर रहें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। फिलहाल स्थिति को काबू में करने की कोशिश जारी है।

–आईएएनएस

पीआईएम/वीसी

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