नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। सावन के पावन महीने की आखिरी सोमवार को देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। भक्त भोलेनाथ का जलाभिषेक व पूजन-अर्चन तक सुखी जीवन की कामना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए शिवालयों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
वाराणसी और उज्जैन से लेकर पुरी तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वाराणसी में, सोमवार की सुबह से ही काशी विश्वनाथ धाम में बड़ी संख्या में भक्त जमा हुए। देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त बाबा विश्वनाथ की पूजा-अर्चना करने पहुंचे। मंदिर में प्रवेश करने और पूजा-पाठ करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते हुए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
मंदिर परिसर को रुद्राक्ष और फूलों से खूबसूरती से सजाया गया है। वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार ने बताया कि बड़ी संख्या में भक्त शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “सुबह के सिर्फ 5 बजे होने के बावजूद, 60,000 से ज्यादा भक्तों ने काशी विश्वनाथ के दर्शन किए।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में, भक्त खास पूजा-पाठ में शामिल होने के लिए महाकालेश्वर मंदिर पहुंच रहे हैं। एक श्रद्धालु ने कहा, “सावन का आखिरी सोमवार मेरे लिए बहुत खास है, क्योंकि मुझे सुबह-सुबह महाकाल की भस्म आरती देखने का मौका मिला।”
उत्तर प्रदेश के एटा में कैलाश मंदिर में भारी भीड़ है। भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। गुजरात के अहमदाबाद में, सावन के दौरान खास पूजा के लिए सरदारनगर के एक शिव मंदिर में भक्त जमा हुए। रुद्राभिषेक समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें भक्तों ने पवित्र अनुष्ठानों में भाग लिया।
बिहार के मुजफ्फरपुर में, बाबा गरीब नाथ धाम में भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वहीं, बिहार के बक्सर में, जिला मजिस्ट्रेट साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने रामरेखा घाट से बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर तक कांवड़िया मार्ग पर इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
एक भक्त ने बताया कि बक्सर भर से लोग अपनी मन्नतें लेकर आए थे और बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए लंबी कतारों में खड़े थे।
ओडिशा के पुरी में, सावन के आखिरी सोमवार को हजारों कांवड़िया भक्तों ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ दर्शन किए। भक्तिपूर्ण माहौल में मंदिर के कपाट खुलने की रस्म ‘द्वारा फीता नीति’ पूरी की गई।
भगवान शिव के भक्तों के लिए सावन का आखिरी सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व है। देश भर के मंदिरों में मंत्रोच्चार, प्रार्थना, जलाभिषेक और विशेष अनुष्ठान हो रहे हैं।
–आईएएनएस
एसडी/एएस
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