इहबास ने मरीजों की देखभाल व चिकित्सा ‌शिक्षा की क्षेत्र में उठाया बड़ा कदम

Summary :

IHBAS/ अमित कुमार : मानसिक रोगों के इलाज की दिशा में बेहतरीन काम कर रहे दिल्ली सरकार के प्रति‌ष्ठित अस्पताल मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) ने मरीजों की देखभाल एवं चिकित्सा शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। (इहबास) में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए पांच नए विभाग शुरू किए गए हैं। साथ ही कुछ नए कोर्स भी जोड़े गये हैं। इहबास के डायरेक्टर डॉ. राजेंद्र धमीजा ने बताया कि हमारे अस्पताल में मानसिक और न्यूरोलॉजिकल मरीजों को अब इलाज के साथ पुनर्वास, गंभीर बीमारियों में राहत और बेहतर…

IHBAS/ अमित कुमार : मानसिक रोगों के इलाज की दिशा में बेहतरीन काम कर रहे दिल्ली सरकार के प्रति‌ष्ठित अस्पताल मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) ने मरीजों की देखभाल एवं चिकित्सा शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। (इहबास) में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए पांच नए विभाग शुरू किए गए हैं। साथ ही कुछ नए कोर्स भी जोड़े गये हैं।

इहबास के डायरेक्टर डॉ. राजेंद्र धमीजा ने बताया कि हमारे अस्पताल में मानसिक और न्यूरोलॉजिकल मरीजों को अब इलाज के साथ पुनर्वास, गंभीर बीमारियों में राहत और बेहतर गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। इन नए विभागों का सीधा फायदा उन मरीजों को होगा, जिन्हें बीमारी के बाद लंबे समय तक देखभाल, जांच और पुनर्वास की जरूरत पड़ती है।

वहीं, बुजुर्गों में मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं और गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज के लिए भी विशेषज्ञ सेवाओं का दायरा बढ़ेगा। डॉ. धमीजा ने बताया कि इहबास में जिरियाट्रिक मेंटल हेल्थ में डीएम कोर्स शुरू हो चुका है। देश में बेंगलुरु और लखनऊ के बाद दिल्ली में इहबास तीसरा ऐसा संस्थान है, जहां इस क्षेत्र में डीएम की पढ़ाई शुरू की गई है। इससे बुजुर्गों में डिमेंशिया समेत मानसिक स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के विशेषज्ञ तैयार करने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा साइक्रेटिक नर्सिंग में दो कोर्स शुरु किए गये हैं। इनमें एमएससी एवं पोस्ट बेसिक डिप्लोमा इन साइकियाट्रिक श‌ामिल हैं। साथ ही मरीजों के इलाज की दिशा में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी, वेलनेस एंड इमोशनल क्लीनिक और पेरीनेटल मेंटल हेल्थ ‌क्लिनिक की शुरुआत की गई है।

उन्होंने बताया कि इहबास में शुरू किया गया क्लीनिकल गवर्नेंस विभाग अस्पताल में इलाज की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा प्रक्रियाओं में तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा। विभाग सेवाओं की निगरानी और उनमें सतत सुधार पर ध्यान देगा।

दुर्घटना व न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के बाद मरीजों को मिलेंगी पुनर्वास सेवाएं

डॉ.धमीजा ने बताया कि अस्पताल में नए शुरू हुए न्यूरोरिहेबिलिटेशन विभाग में स्ट्रोक, दुर्घटना या अन्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के बाद मरीजों को पुनर्वास सेवाएं दी जाएंगी। इसका उद्देश्य मरीजों की कार्यक्षमता बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। वहीं न्यूरोपैलेटिव विभाग लंबे समय से गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी से जूझ रहे मरीजों की देखभाल पर केंद्रित होगा।

इसमें दर्द और अन्य तकलीफों से राहत देने के साथ मरीजों और उनके परिवारों को मानसिक और भावनात्मक सहयोग भी दिया जाएगा। न्यूरो इलेक्ट्रो फिजियोलॉजी विभाग के माध्यम से तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों की जांच और इलाज में मदद मिलेगी। इससे न्यूरोलॉजिकल मरीजों के लिए विशेषज्ञ सेवाओं का दायरा और मजबूत होगा।

Sumant Chaudhary