Karawal Nagar Assembly : करावल नगर विधानसभा में शनि बाजार रोड पर स्थित शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं ने दिल्ली सरकार में मंत्री एंव स्थानीय विधायक कपिल मिश्रा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दरअसल, स्कूल आने-जाने वाले मार्ग पर बद से बदतर हालात हैं। छात्राओं को सड़क पर फैली कीचड़ में से होकर स्कूल जाना पड़ता है। इलाके में लगातार ऐसे हालात से परेशान होकर शनिवार को छात्राओं (जेन-अल्फा) ने कीचड़ में ही खड़े होकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।
स्कूल के पास और इलाके में इस तरह के हालात पर छात्राओं ने कहा, जनप्रतिनिधि कभी खुद कीचड़ से लबालब भरी सड़क पर चलकर दिखाएं। तब उन्हें खुद पर शर्म आएगी। छात्राओं ने ‘हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते’ जैसे नारे लगाए।
वहीं, छात्राओं के विरोध-प्रदर्शन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि छात्राएं स्कूल जाने के लिए कीचड़ में घुसकर चलने के लिए मजबूर हैं। नाले टूटे और खुले दिखाई पड़ रहे हैं। अगर कोई कीचड़ में फिसलकर नाले में गिर जाए तो बड़ी अनहोनी हो सकती है। यहां बता दें कि इस स्कूल में करीब ढाई हजार छात्र पढ़ते हैं। प्रदर्शन करने वाली छात्राओं ने कहा कि विकास के नाम पर अधिकतर गलियां खोदकर छोड़ दी गई हैं।
नालियों में भरी गाद निकालकर सड़कों पर रख दी गई है। जबकि बरसात का मौसम है। सबको पता है बारिश हुई तो गाद से कैसे हालात पैदा होंगे। बारिश के कारण गाद कीचड़ बन चुकी है। गलियों में चलना जीवन को खतरे में डालने जैसा हो गया है। बेटियों को पढ़ाने की बात कही जाती है, लेकिन यहां तो बेटियों का स्कूल तक जाना ही मुश्किल हो गया है।
सीवर लाइन के नाम पर गलियां खोदकर छोड़ दी गई हैं
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर लाइन के नाम पर गलियां खोदकर और नाली-नाले तोड़कर छोड़ दिए गए हैं। नालों से निकाली गई गाद भी सड़कों पर उठाकर रख दी गई है। छोटे बच्चों के लिए तो यह जानलेवा है। कोई बच्चा कीचड़ की वजह से फिसला और नाले में गिरा तो उसकी जान तक जा सकती है।
लोगों ने हैरानी जताते हुए कहा कि स्थानीय विधायक कपिल मिश्रा दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद इलाके के हालात को सुधार नहीं पा रहे हैं। चुनाव लड़ रहे थे तो करावल नगर विधानसभा को आदर्श विधानसभा बनाने का दावा किया था। मगर अब अपना ही वादा भूल गए हैं।
कोई मेहमान आ जाए तो आती है शर्म
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई मेहमान घर आ जाए तो उन्हें खुद पर बहुत शर्म आती है। अपना वाहन दूर सड़क पर ही छोड़कर मेहमानों को कीचड़ और गंदगी से होते हुए घर तक आना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टूटी हुई गलियों में वाहन चलाना तो दूर की बात, ठीक से पैदल भी नहीं चल सकते।
छात्राओं ने जो प्रदर्शन किया, उससे सिर्फ उनकी ही नहीं, कॉलोनी में रहने वाले लोगों की मजबूरी को भी समझा जा सकता है। लेकिन मंत्री कपिल मिश्रा को यह सब नजर नहीं आता। उन्हें परेशानियों का सामना करते हुए स्कूल जाने वाली बेटियां भी नजर नहीं आतीं।



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