AIIMS News : देश के प्रतिष्ठित अस्पताल एम्स दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के तिमारदारों के बीच विवाद का एक और मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियो में एक तिमारदार एक सुरक्षा गार्ड का कॉलर पकड़कर उसे खींचते हुए कंट्रोल रूम की ओर ले जाता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा गार्ड द्वारा तिमारदार को डंडा दिखाने से विवाद शुरू हुआ।
हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वीडियो में तिमारदार सुरक्षा गार्ड से बार-बार पूछता नजर आ रहा है कि उसके हाथ में डंडा किसने दिया और वह उसका इस्तेमाल क्यों कर रहा है। वह गार्ड से उसके इंचार्ज को बुलाने की मांग भी करता है। एक महिला सुरक्षा गार्ड द्वारा वीडियो नहीं बनाने के लिए कहे जाने पर तिमारदार जवाब देता है कि वह घटना का सबूत रखने के लिए रिकॉर्डिंग कर रहा है, ताकि बाद में उस पर कोई आरोप न लगाया जा सके।
फैकल्टी से भी की शिकायत
वायरल वीडियो के अनुसार, सुरक्षा गार्ड और तिमारदार एम्स के एक फैकल्टी सदस्य एवं संगठन के अध्यक्ष डॉ. अमरिंदर सिंह मल्ही के पास भी पहुंचे। इस दौरान भी तिमारदार ने गार्ड का कॉलर पकड़ रखा था और उसके व्यवहार को लेकर सवाल करता रहा।
वीडियो में वह आरोप लगाता है कि गार्ड ने एक महिला को डंडा मारा था और उसके जिम्मेदार अधिकारी को बुलाने की मांग करता है। बताया जा रहा है कि वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाला व्यक्ति कथित तौर पर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर है। हालांकि, इस संबंध में एम्स प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
तिमारदार ने सुरक्षा गार्ड से मांगी माफी
बाद में तिमारदार ने खुद को डॉ. चंद्रशेखर राय बताते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने सुरक्षा गार्ड करणजीत सिंह और सुरक्षा कंपनी से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि घटना का वीडियो उनकी जानकारी के बिना बनाया गया और सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया। डॉ. राय ने आश्वासन दिया कि भविष्य में वह किसी सुरक्षा गार्ड के साथ इस तरह का उग्र व्यवहार नहीं करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का इरादा गलत था और इस घटना से एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इससे उनके व्यक्तिगत सम्मान को भी ठेस पहुंची है।



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