मुंबई, 3 नवंबर (आईएएनएस)। बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा की दीपावली अपील वाले वीडियो को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा होने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को अपनी चुप्पी तोड़ी और इस पर बात की।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा पर्यावरण के अनुकूल और पटाखों से मुक्त दीपावली मनाने के लिए चलाए गए जनजागरूकता अभियान में माधुरी दीक्षित, क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे और अभिनेत्री दीया मिर्जा जैसी हस्तियां शामिल थीं।
बीएमसी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इन मशहूर हस्तियों की अपील वाला एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसे विधायक अमित साटम की आलोचना के बाद हटा दिया गया।
महापौर ऋतु तावड़े ने भी इस मामले से खुद को अलग कर लिया और इसके लिए सोशल मीडिया एजेंसी और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
इस राजनीतिक बहस के बीच, बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस विरोध पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर मशहूर हस्तियां पर्यावरण के अनुकूल त्योहार मनाने की वकालत कर रही हैं, तो इसमें गलत क्या है?
इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विवाद पर प्रतिक्रिया दी है।
मंगलवार को पुणे में हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो रूट का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने मीडिया से बात की। जब उनसे दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने और बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि हाई कोर्ट ने किसी को फटकार लगाई है।
उन्होंने सुझाव दिया कि शायद हाई कोर्ट ने केवल अपनी राय व्यक्त की होगी, क्योंकि यह मामला आधिकारिक तौर पर किसी औपचारिक मुकदमे के रूप में हाई कोर्ट के सामने नहीं गया था।
जब उनसे सोशल मीडिया से वीडियो हटाए जाने पर हाई कोर्ट द्वारा सवाल उठाए जाने के बारे में पूछा गया, तो मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि वीडियो हटाना बीएमसी का अपना फैसला था। जिसका सोशल मीडिया हैंडल होता है, उसी के पास यह तय करने का पूरा अधिकार होता है कि कौन सा कंटेंट पब्लिश करना है या हटाना है। बीएमसी ने अपने विवेक के अनुसार ही कदम उठाया।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “अभिनेत्री दीया मिर्जा भले ही एक जानी-मानी और सफल अभिनेत्री हों, लेकिन वह भारत की कोई प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक नेता नहीं हैं। यह मुद्दा हमारे स्तर का नहीं है। यह एक मामूली बात है।”
वहीं, दीपावली वीडियो को लेकर हुए विरोध पर अभिनेत्री दीया मिर्जा ने पूछा, “मैंने प्रदूषण मुक्त त्योहार मनाने के पक्ष में बात की, तो मैंने क्या गलत किया?”
मंगलवार को दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने के मामले पर हाई कोर्ट ने किसी का नाम लिए बिना कड़ी नाराजगी जताई। पीठ ने टिप्पणी की कि भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में, यह दुर्भाग्यपूर्ण है और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है, जब राजनीतिक नेता जनहित के लिए आगे आने वाली मशहूर हस्तियों के कार्यों को सांप्रदायिक रंग दे देते हैं।
अदालत ने नगर प्रशासन को निर्देश दिया कि दीया मिर्जा का हटाया गया वीडियो फिर से प्रसारित किया जाए।
–आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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