चेन्नई, 15 सितंबर (आईएएनएस)। विधानसभा सचेतक ईवी वेलु के नेतृत्व में डीएमके विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से मुलाकात की और कानून मंत्री निर्मल कुमार के खिलाफ विशेषाधिकार उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने शिकायत में उन पर सदन के समक्ष गलत जानकारी रखने का आरोप लगाया गया है।
बैठक के दौरान, विधायकों ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (एमआईएसए) पर की गई टिप्पणी को विधानसभा अभिलेखों से हटाने की मांग वाली पिछली याचिका पर भी जानकारी मांगी।
डीएमके ने इन टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि इनसे पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता का अपमान हुआ है।
अध्यक्ष से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए विधायकों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना विधानसभा नियमों के विरुद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि सदन में उन व्यक्तियों के खिलाफ आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए जो अपना बचाव करने के लिए उपस्थित नहीं हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उसने मुख्यमंत्री द्वारा एमआईएसए पर की गई टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाने की मांग करते हुए पहले ही एक अभ्यावेदन प्रस्तुत कर दिया है।
सदस्यों ने अध्यक्ष से इस अनुरोध पर की गई कार्रवाई स्पष्ट करने को कहा और उनसे शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।
डीएमके विधायकों ने कहा कि विशेषाधिकार संबंधी नई शिकायत इस आरोप पर आधारित है कि विधि मंत्री ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान भ्रामक और गलत जानकारी दी थी। उन्होंने तर्क दिया कि विधानसभा को गलत जानकारी देना उसके नियमों और विशेषाधिकारों का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि एक विशेषाधिकार समिति का गठन किया गया है और आशा व्यक्त की कि शिकायत को जांच के लिए समिति को भेजा जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि आरोपों और संबंधित विधानसभा अभिलेखों की जांच के बाद समिति आगे की कार्रवाई की सिफारिश कर सकती है।
विधायकों ने सरकार पर बार-बार निराधार और दुर्भावनापूर्ण मुद्दे उठाकर जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रिमंडल शासन और जन चिंताओं पर विपक्ष द्वारा उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देने के बजाय तथ्यात्मक आधारहीन विवादों पर निर्भर है।
इस बैठक ने विधानसभा के भीतर सत्तारूढ़ टीवीके और डीएमके के बीच चल रहे टकराव में एक और नया मोड़ ला दिया है।
अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के एमआईएसए संबंधी बयान को रिकॉर्ड से हटाने की पूर्व याचिका और कानून मंत्री के खिलाफ दायर विशेषाधिकार शिकायत पर अभी तक कोई फैसला नहीं सुनाया है।
डीएमके ने कहा कि वह आगे की कार्रवाई तय करने से पहले अध्यक्ष के जवाब का इंतजार करेगी।
–आईएएनएस
एमएस/
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