ईडी विवाद के बीच 13 सितंबर को सीपीआई(एम) की समीक्षा बैठक, पिनाराई विजयन पर रहेगी नजर

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कोझिकोड, 12 सितंबर (आईएएनएस)। सीपीआई(एम) की केरल राज्य समिति की अहम तीन दिवसीय बैठक रविवार को कोझिकोड में औपचारिक रूप से शुरू हो रही है। पार्टी अपनी चुनावी हार का विस्तार से विश्लेषण करने जा रही है, साथ ही विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के प्रभाव को लेकर फिर से सवाल उठ रहे हैं। यह बैठक और भी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विजयन की बेटी वीणा की अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी के खिलाफ मासिक भुगतान मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है, जिससे विजयन एक और राजनीतिक विवाद…

कोझिकोड, 12 सितंबर (आईएएनएस)। सीपीआई(एम) की केरल राज्य समिति की अहम तीन दिवसीय बैठक रविवार को कोझिकोड में औपचारिक रूप से शुरू हो रही है।

पार्टी अपनी चुनावी हार का विस्तार से विश्लेषण करने जा रही है, साथ ही विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के प्रभाव को लेकर फिर से सवाल उठ रहे हैं।

यह बैठक और भी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विजयन की बेटी वीणा की अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी के खिलाफ मासिक भुगतान मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है, जिससे विजयन एक और राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं।

हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि शनिवार को ईडी की कार्रवाई सामने आने के बाद जब विजयन पहली बार मीडिया के सामने आए तो उन्होंने इन दोनों मुद्दों को अलग-अलग रखने की कोशिश की।

तीन दिन की चर्चाओं में ईडी की कार्रवाई का मुद्दा उठाए जाने के सवाल पर विजयन ने तुरंत जवाब दिया कि आप क्या पूछ रहे हैं? इसका हमारी बैठक से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, इस बात पर करीबी नजर रखी जाएगी कि क्या ईडी का मुद्दा बैठक के राजनीतिक माहौल से बाहर रहता है या नहीं।

ऐसे समय में जब सीपीआई(एम) अपनी सबसे बड़ी चुनावी हार की समीक्षा करने की तैयारी कर रही है, एजेंसी की कार्रवाई ने पार्टी नेतृत्व को विजयन के समर्थन में एकजुट होने और उन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई का निशाना बताने का एक और कारण दे दिया है।

नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि समीक्षा विजयन के खुले परीक्षण में न बदल जाए।

चुनावी हार, संगठनात्मक कमजोरियों और सुधारात्मक उपायों की आवश्यकता पर चर्चा होने की उम्मीद है, लेकिन वरिष्ठ नेताओं द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत हमले को बढ़ावा देने की संभावना कम है। माना जाता है कि लगभग 90 प्रतिशत प्रतिनिधि विजयन के समर्थक हैं, जिससे उनके नेतृत्व को तत्काल कोई चुनौती मिलने की संभावना नहीं है।

इसलिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पी. जयराजन, एएन शमसीर और थॉमस इसाक के रुख पर करीबी नजर रखी जाएगी। वे चुनावी हार और पार्टी के कामकाज पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन विजयन पर खुले हमले की उम्मीद नहीं है।

पार्टी नेतृत्व द्वारा मासिक भुगतान विवाद पर व्यापक चर्चा का विरोध करने की भी उम्मीद है, क्योंकि विजयन और विधायक पीए मोहम्मद रियास (वीणा के पति) पहले ही अपनी सफाई दे चुके हैं। इस बीच, लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी सीपीआई ने ईडी की कार्रवाई पर ज्‍यादा सावधानी भरा रुख अपनाया है।

सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने कहा कि उन्हें विजयन से जुड़े मामले की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि लेफ्ट केंद्रीय एजेंसियों के किसी भी गलत इस्तेमाल का राजनीतिक रूप से विरोध करेगा।

हालांकि, सीपीआई(एम) के लिए तुरंत चुनौती यह पक्का करना है कि चुनाव की समीक्षा नेतृत्व पर बड़ी बहस में न बदल जाए। विजयन के लिए ईडी विवाद ने उस बहस के राजनीतिक माहौल को बदल दिया हो सकता है। आखिरकार इससे उन्हें फायदा होगा या पहले से ही मुश्किल समीक्षा में एक और विवादित मुद्दा जुड़ जाएगा, यह देखना बाकी है।

–आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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IANS Agency

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