राजस्थान: झुंझुनू में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से आठ मजदूरों की मौत, सीएम भजनलाल शर्मा ने दिए जांच के आदेश

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जयपुर, 2 नवंबर (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को झुंझुनू की घटना पर चिंता जताई, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने जिला कलेक्टर से घटना की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी और अधिकारियों को घायलों के लिए शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना के कारणों की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को हर संभव राहत और सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। मंत्री झाबर सिंह खर्रा को दुर्घटनास्थल का दौरा करने और प्रभावित परिवारों…

जयपुर, 2 नवंबर (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को झुंझुनू की घटना पर चिंता जताई, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने जिला कलेक्टर से घटना की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी और अधिकारियों को घायलों के लिए शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने दुर्घटना के कारणों की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को हर संभव राहत और सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।

मंत्री झाबर सिंह खर्रा को दुर्घटनास्थल का दौरा करने और प्रभावित परिवारों से मिलने के लिए भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।

दरअसल, झुंझुनू जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के चापोली गांव में सड़क निर्माण मशीन के हाई टेंशन तार के संपर्क में आने से आठ मजदूरों की मौत हो गई और पांच अन्य झुलस गए। यह दुर्घटना तब हुई, जब सड़क निर्माण के लिए बजरी और रेत मिलाने के काम में लगी एक कंक्रीट-मिक्सिंग मशीन का हाइड्रोलिक जैक ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया।

बिजली का करंट मशीन में फैल गया, जिससे मशीन को चला रहे और उसके पास काम कर रहे मजदूर प्रभावित हुए। उदयपुरवाटी स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) रामपाल ने घटना की पुष्टि की।

पांचों घायल मजदूरों को उदयपुरवाटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। दुर्घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

उन्होंने दावा किया कि कई बिजली के खंभे और ओवरहेड तार पेड़ों से संपर्क में थे। ग्रामीणों ने आगे आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद जब उन्होंने ग्रिड सब स्टेशन से तत्काल बिजली बंद करने का अनुरोध किया, तो कोई भी कर्मचारी उपलब्ध नहीं था।

पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस त्रासदी को राजनीतिक दांव-पेच का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और तत्काल प्राथमिकता प्रभावित परिवारों की सहायता करना होनी चाहिए।

उन्होंने जिला कलेक्टर से घटनास्थल का दौरा करने और पीड़ितों के परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन देने का भी आग्रह किया। स्थानीय विधायक भगवानराम सैनी और डीएसपी सुगन सिंह भी मौके पर पहुंचे।

–आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

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IANS Agency

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