एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को लेकर सरकार पर अशोक गहलोत का हमला, कहा- ‘आम जनता गलत फैसलों का खामियाजा भुगत रही’

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जयपुर, 22 अगस्त (आईएएनएस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पेट्रोल में बड़े पैमाने पर एथेनॉल मिलाने की केंद्र सरकार की नीति की आलोचना करते हुए कहा है कि यह फैसला पर्याप्त तैयारी के बिना लिया गया है। इसका खामियाजा आम जनता को कई स्तरों पर भुगतना पड़ रहा है। गहलोत ने कहा, “केंद्र सरकार की दूरदर्शिता की कमी और गलत फैसलों का एक और उदाहरण पेट्रोल में बड़ी मात्रा में एथेनॉल मिलाने का निर्णय है। पर्याप्त तैयारी के बिना लिए गए इस फैसले के परिणाम देश की जनता को कई मोर्चों पर भुगतने पड़ रहे हैं।” उन्होंने कहा…

जयपुर, 22 अगस्त (आईएएनएस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पेट्रोल में बड़े पैमाने पर एथेनॉल मिलाने की केंद्र सरकार की नीति की आलोचना करते हुए कहा है कि यह फैसला पर्याप्त तैयारी के बिना लिया गया है। इसका खामियाजा आम जनता को कई स्तरों पर भुगतना पड़ रहा है।

गहलोत ने कहा, “केंद्र सरकार की दूरदर्शिता की कमी और गलत फैसलों का एक और उदाहरण पेट्रोल में बड़ी मात्रा में एथेनॉल मिलाने का निर्णय है। पर्याप्त तैयारी के बिना लिए गए इस फैसले के परिणाम देश की जनता को कई मोर्चों पर भुगतने पड़ रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि गन्ने का एक बड़ा हिस्सा अब चीनी उत्पादन के बजाय एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे बाजार में चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। सिर्फ 15 दिनों में चीनी की कीमतों में 14 से 17 रुपए प्रति किलोग्राम तक की बढ़ोतरी हुई है।

गहलोत ने कहा कि मामला केवल महंगाई तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन के कारण वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचने और माइलेज कम होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें ईंधन और वाहन रखरखाव पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा, “यह आम आदमी की मेहनत की कमाई लूटने जैसा है। इस व्यवस्था से कुछ उद्योगपति और सरकार लाभ उठा रहे हैं, जबकि आम नागरिकों को बढ़ती कीमतों का बोझ सहना पड़ रहा है।”

उन्होंने एथेनॉल उत्पादन से जुड़े वायु और जल प्रदूषण के संबंध में सामने आ रही शिकायतों पर भी चिंता जताई।

गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार को इतनी बड़ी नीति लागू करने से पहले पर्याप्त योजना, अध्ययन और तैयारी करनी चाहिए थी। केंद्र सरकार ने बिना पर्याप्त तैयारी के ऐसा निर्णय लिया है और अब देश की जनता इसकी कीमत चुका रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है, इसलिए वह अपने फैसलों के लाभ लोगों को समझाने में सफल नहीं हो पा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं, चीनी की उपलब्धता, वाहन मालिकों और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति की व्यापक समीक्षा करने की मांग की।

–आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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IANS Agency

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