रेणुकास्वामी मर्डर केस: एक्टर दर्शन ने खटखटाया कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा, प्रदोष को सरकारी गवाह बनाए जाने के फैसले को दी चुनौती

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मुंबई, 1 सितंबर (आईएएनएस)। बेंगलुरु में जून 2024 में हुई रेणुकास्वामी की हत्या के मामले में आरोपी कन्नड़ अभिनेता दर्शन ने ट्रायल कोर्ट के एक फैसले को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी है। ट्रायल कोर्ट ने मामले के आरोपी नंबर 14 प्रदोष को सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने की अनुमति दी थी। दर्शन ने अपनी याचिका में प्रदोष को अप्रूवर बनाए जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे रोकने की मांग की है। दरअसल, बेंगलुरु की 59वीं सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट ने 25 अगस्त को प्रदोष की उस याचिका को मंजूरी दे दी थी, जिसमें उसने मामले में अप्रूवर…

मुंबई, 1 सितंबर (आईएएनएस)। बेंगलुरु में जून 2024 में हुई रेणुकास्वामी की हत्या के मामले में आरोपी कन्नड़ अभिनेता दर्शन ने ट्रायल कोर्ट के एक फैसले को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी है। ट्रायल कोर्ट ने मामले के आरोपी नंबर 14 प्रदोष को सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने की अनुमति दी थी। दर्शन ने अपनी याचिका में प्रदोष को अप्रूवर बनाए जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे रोकने की मांग की है।

दरअसल, बेंगलुरु की 59वीं सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट ने 25 अगस्त को प्रदोष की उस याचिका को मंजूरी दे दी थी, जिसमें उसने मामले में अप्रूवर बनने की इच्छा जताई थी। कोर्ट ने उसे कुछ शर्तों के साथ माफी देते हुए सरकारी गवाह बनने की अनुमति दी थी।

इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने प्रदोष को गवाह के तौर पर उसका बयान दर्ज कराने के लिए समन भी जारी किया। अब दर्शन ने इसी फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि प्रदोष को अप्रूवर बनाने से पहले अपनाई गई प्रक्रिया और इसके कानूनी आधार की जांच की जानी चाहिए।

दर्शन की याचिका में यह भी सवाल उठाया गया है कि प्रदोष को अप्रूवर बनाए जाने की मांग पर कोर्ट ने किस तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया के तहत फैसला किया। अभिनेता ने इस पूरे फैसले पर रोक लगाने की मांग की है।

इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट दोनों की ओर से कहा जा चुका है कि दर्शन और मामले के दूसरे सह-आरोपियों को माफी की कार्यवाही में शामिल होने या उसका विरोध करने का कानूनी अधिकार नहीं है। अदालतों के मुताबिक सह आरोपी का अधिकार उस समय सामने आता है जब अप्रूवर का बयान दर्ज हो जाए और उससे क्रॉस एग्जामिनेशन की प्रक्रिया शुरू हो।

अब दर्शन ने याचिका में इसी प्रक्रिया और प्रदोष को अप्रूवर बनाए जाने के फैसले को चुनौती दी है।

जून 2024 में 33 वर्षीय रेणुकास्वामी का शव बेंगलुरु में एक नाले के पास मिला था। आरोप है कि चित्तरदुर्गा निवासी रेणुकास्वामी को अगवा किया गया, उसके साथ मारपीट और यातना की गई और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। यह मामला उस समय और ज्यादा चर्चा में आया जब जांच में अभिनेता दर्शन और अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा समेत कई लोगों के नाम सामने आए। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। दर्शन फिलहाल इसी मामले में जेल में हैं।

–आईएएनएस

पीके/वीसी

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IANS Agency

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